लखनऊ : (मानवीय सोच) संस्कृत विद्यालयों की सूरत बदलने में लगी सरकार ने 100 करोड़ से 900 एडेड माध्यमिक संस्कृत विद्यालयों की दशा बदलने पर मुहर लगाई है। कैबिनेट ने इन विद्यालयों में जीणोऱ्द्धार, मरम्मत, पुर्ननिर्माण, निर्माण व अवस्थापना सुविधाओं के लिए 50-50 के स्थान पर 95-05 फीसदी राशि देने का निर्णय लिया है।
शासन के इस निर्णय से संस्कृत विद्यालयों की सूरत बदलने में काफी सहयोग मिलेगा और पठन-पाठन भी बेहतर होगा। इसके अनुसार जीणोऱ्द्धार, मरम्मत, पुर्ननिर्माण, निर्माण व अवस्थापना सुविधाओं के लिए 95 फीसदी राशि शासन व पांच फीसदी प्रबंध तंत्र देगा।
पहले चरण में 50 साल से पहले के स्थापित अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक संस्कृत विद्यालयों में मरम्मत व आवश्यक अवस्थापना सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसमें विद्यालय की छत, फर्श की मरम्मत, छात्र-छात्राओं के लिए अलग शौचालय, उनकी मरम्मत, निर्माण व मल्टीपरपज हाल का निर्माण शामिल है।
