नई दिल्ली : (मानवीय सोच) इंटरनेट या फिर वेब… जो भी कहें ये किसी जाल से कम नहीं है. जानकारियों का ही नहीं इंटरनेट स्कैमर्स के बिछाए ट्रैप्स का भी एक जाल है जहां एक गलती आपको कंगाल बना सकती है. दरअसल, डिजिटल होती जा रही इस दुनिया में लोग इंटरनेट पर तमाम सवालों के जवाब खोजते हैं.चाहे किसी डॉक्टर का नंबर चाहिए हो या फिर किसी बैंक का कस्टमर-केयर नंबर
इंटरनेट पर लोगों की ये तलाश कभी भी कई बार उन्हें स्कैमर्स के जाल में फंसा देती है. ऐसा ही कुछ दिल्ली के एक सरकार वकील के साथ हुआ है तीस हजारी कोर्ट के एडिशनल प्रॉसिक्यूटर केपी सिंह डॉक्टर के यहां अपॉइंटमेंट के लिए इंटरनेट पर हॉस्पिटल का नंबर तलाश रहे थे.उन्हें जो नंबर मिला वो हॉस्पिटल का ना होकर एक स्कैमर्स का निकला
स्कैमर ने उन्हें अपने जाल में फंसाया और फिर उनके बैंक अकाउंट से 99,909 रुपये उड़ा ले गया. हालांकि, पुलिस ने इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है जांच में पाया गया है कि आरोपी एक गैंग चला रहा था, जो इंटरनेट के जरिए लोगों से ठगी करते थे. आइए जानते हैं स्कैमर्स के इस जाल से आप कैसे बच सकते हैं.
