पहली बार मायावती के साथ भाई-भतीजे की अलग कुर्सी

लखनऊ : (मानवीय सोच) 2024 के लिए मायावती एक्शन में आ गई हैं। करीब एक साल बाद उन्होंने लखनऊ से बाहर निकलकर दिल्ली में बड़ी बैठक की। यहां देशभर से आए पदाधिकारियों से बात की। जीत का मंत्र दिया। पक्ष और विपक्ष यानी NDA बनाम PDA के बीच बसपा ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है। 

1-भाई आनंद और भतीजे आकाश की अलग कुर्सी
पहली बार मायावती के भाई आनंद और भतीजे आकाश आनंद की अलग कुर्सी लगाई गई। मायावती कार्यकर्ताओं के सामने बैठी थीं। जबकि भाई और भतीजा दाहिने ओर लगी कुर्सी पर बैठे थे। मायावती के प्वाइंट्स को नेशनल कोआर्डिनेटर आकाश नोट करते नजर आए। सिर्फ यही नहीं, उन्होंने कुछ सुझाव भी दिए।

2-चंद्रशेखर के ऑप्शन में आकाश
पश्चिम यूपी में चंद्रशेखर की पकड़ मजबूत हो रही है। बसपा प्रमुख ने दलित समाज के युवाओं को यह साफ मैसेज देने का प्रयास किया कि बसपा में युवा नेता और पार्टी का ऑप्शन आकाश है। जो राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी को लेकर काम कर रहे हैं। युवाओं को लेकर आकाश लगातार पार्टी में काम कर रहे हैं।

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