नई दिल्ली : (मानवीय सोच) यूक्रेन युद्ध के बाद से भारत को रूस से कच्चे तेल पर मिल रही भारी छूट में गिरावट आई है। इसके अलावा रूस द्वारा तेल की डिलीवरी लेने वाले यूनिट की शिपिंग दरें भी अपारदर्शी बनी हुई हैं। वे भारत से सामान्य के काफी ज्यादा दरें वसूल रहे हैं। सूत्रों ने इनकी जानकारी दी हैं।
रूस भारतीय रिफाइनरी कंपनियों से पश्चिम देशों द्वारा लगाए गए 60 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल मूल्य सीमा से कम कीमत पर बिल देता है। लेकिन बाल्टिक और काला सागर से पश्चिमी तट तक डिलीवरी के लिए 11 अमेरिकी डॉलर से 19 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के बीच वसूल रहा है, जो सामान्य दर से दोगुना है।
