(मानवीय सोच) : अडानी ग्रुप के मुखिया गौतम अडानी ने हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर बयान जारी किया है. अपने बयान में अडानी ने कहा कि ‘हिंडनबर्ग रिपोर्ट भ्रामक और निराधार आरोपों पर आधारित थी. रिपोर्ट में जो आरोप लगाए गए वो 2004 से 2015 के बीच के थे और उन्हें उस समय संबंधित अथॉरिटी ने सही कर लिया था.
यह रिपोर्ट जानबूझकर हमारी छवि खराब करने की कोशिश थी. उन्होंने कहा,” यूएस-आधारित शॉर्ट-सेलर ने हमारे स्टॉक को शॉर्ट करने के लिए एक रिपोर्ट प्रकाशित की, जब हम भारत के इतिहास में सबसे बड़ी फॉलो-ऑन सार्वजनिक पेशकश शुरू करने की योजना बना रहे थे.
“हमने नहीं सोचा था कि अडानी समूह देश के सबसे बड़े समूहों में से एक बन जाएगा”
अडानी एंटरप्राइजेज की वार्षिक आम बैठक (AGM) में बोलते हुए, बड़े बिजनेसमैन ने कहा, “तीन दशक पहले जब मैंने अडानी समूह की स्थापना की थी. मैंने कभी नहीं सोचा था कि अडानी समूह देश के सबसे बड़े समूहों में से एक बन जाएगा. 12 सितंबर 1994 को अडानी एंटरप्राइजेज, जिसे उस समय अडानी एक्सपोर्ट्स के नाम से जाना जाता था, ने अपना आईपीओ लॉन्च किया था. मैं तब 32 साल का हुआ था.
