जम्मू कश्मीर : (मानवीय सोच) आतंकी यासिन मलिक को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश किया गया था। उसे कोर्ट परिसर में देखकर सुप्रीम कोर्ट के जज दंग रह गए थे।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में मलिक की मौजूदगी पर आपत्ति जताई और कहा कि अदालत द्वारा ऐसा कोई आदेश पारित नहीं किया गया था कि यासीन मलिक को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश किया जाना चाहिए, यह सुरक्षा के लिए एक बड़ा मुद्दा है।
उन्होंने यासीन मलिक को अनुमति देने के लिए अदालत में मौजूद जेल अधिकारियों के प्रति असहमति व्यक्त की और पीठ को बताया कि मलिक को जेल से बाहर नहीं लाया जा सकता क्योंकि आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 268 उस पर लागू होती है। अब इस मामले में तिहाड़ जेल प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है।
