लखनऊ : (मानवीय सोच) लेसा के अधिकारी 24 घंटे बिजली देने का दावा करते हैं। जबकि हकीकत ये है कि लेसा और मध्यांचल के अधिकारी जनप्रतिनिधियों के भी फोन नहीं उठाते हैं। शनिवार को जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की विकास भवन में हुई बैठक की अध्यक्षता कर रहे सांसद व केंद्रीय राज्यमंत्री आवास कौशल किशोर के सामने जनप्रतिनिधियों ने ये मुद्दा उठाया। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जब फोन ही नहीं उठेगा तो शिकायत का निस्तारण कैसे होगा?
माल सीएचसी की बिजली कटे होने की शिकायत भी हुई। इस पर सांसद ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर बिजली अधिकारियों के लापरवाह रवैये की शिकायत करने की बात कही। वहीं विभाग के अधिकारियों को प्राथमिकता पर निस्तारण के लिए कहा गया है। बैठक में तय हुआ कि नगर निगम सीमा में शामिल हुए 88 गांवों में भी अब प्रधानमंत्री आवास बनाए जाएंगे।
