(मानवीय सोच) भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ आईआईटी मद्रास के 60वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। उन्होंने इंस्टीट्यूट के बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि वह अब इस बात से सहमत हैं कि कानून प्रौद्योगिकी की बराबरी नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा, यह अक्सर कहा जाता है कि प्रौद्योगिकी इतनी तेजी से विकसित होती है कि कानून इसकी बराबरी नहीं कर सकता। यह कुछ समय से सच होने लगा है, लेकिन हम अगर एक कदम पीछे मुड़कर देखें तो हमारा इतिहास इस बात का प्रमाण है कि कानून और प्रौद्योगिकी द्वंद्वात्मक संबंध साझा करते हैं। ये दोनों एक-दूसरे को आगे की तरफ धकेल रहे हैं।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की सराहना करते हुए न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ने हमारे संचार और काम करने के तरीके को ही बदल दिया है। उन्होंने कहा, कोविड-19 के दौरान सुप्रीम कोर्ट में वर्चुअल हियरिंग की शुरुआत हुई। इस दौरान पूरे भारत में लगभग 43 मिलियन सुनवाइयां हुईं।
