उत्तर प्रदेश : (मानवीय सोच) औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए सरकार ने वैश्विक निवेशक सम्मेलन में 35 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश समझौते तो कर लिए हैं, पर इनकी फाइलें विभिन्न विभागों में अफसरशाही के चंगुल में फंस गई हैं। एनओसी न मिलने की वजह से कई बड़ी कंपनियों के अरबों के निवेश अटके पड़े हैं। इसे देखते हुए अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (आईआईडीसी) मनोज कुमार सिंह ने संबंधित विभागों को अड़चनें जल्द दूर करने के निर्देश दिए हैं।
जिला व मंडलीय उद्योग बंधु की बैठकों में निवेशकों के सामने आ रही समस्याओं की परतें खुल रही हैं। पता चला है कि सहारनपुर, ग्रेटर नोएडा व कानपुर देहात में तीन प्रस्तावों को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरणों को निर्देश दिए गए हैं कि भूखंडों से कब्जे हटवाकर निवेशक को आवंटित किए जाएं। यह भी पता चला है कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा, कानपुर देहात, सहारनपुर आदि में बड़ी संख्या में कब्जे वाली जमीनें बिना खाली कराए निवेशकों को दे दी गई हैं। नतीजा यह हुआ कि दो साल बाद भी वहां फैक्टरियां नहीं लग सकीं।
