बरेली : (मानवीय सोच) दरगाह आला हजरत स्थित ग्रांड मुफ्ती हाउस में मंगलवार को ऑल इंडिया मुस्लिम जमात की बैठक हुई। इसमें उलमाओं ने जुलूसों में डीजे और ढोल नगाड़े के इस्तेमाल पर चिंता जाहिर की। मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि शरीयल ने नाच-गाना, ढोल-तमाशा व डीजे आदि चीजों के इस्तेमाल को स्पष्ट तौर पर नाजायज करार दिया है। मगर बीते कुछ वर्षों से देखा जा रहा है कि इमाम हुसैन की निसबत से मोहर्रम के महीने में खूब डीजे का इस्तेमाल हो रहा है।
उन्होंने कहा कि उर्स के कार्यक्रमों में चादरों के जुलूस के नाम पर डीजे बजाया जा रहा है। हद यहां तक हो गई कि पैगंबर-ए-इस्लाम के नाम से मनसूब जुलूस-ए मोहम्मदी में भी धड़ल्ले से डीजे का इस्तेमाल होता है। उन्होंने कहा कि दीन के उत्थान और कौम के कल्याण के लिए जिन लोगों की जेब से पांच रुपये तक नहीं निकलते हैं, वही लोग धार्मिक कार्यक्रमों में 80 हजार से लेकर 1.5 लाख तक के रुपये से डीजे बुक कराते हैं। ऐसे लोग गैरों के सामने इस्लामी शरीयत का मजाक न बनवाएं।
