(मानवीय सोच) : पीएम मोदी ने पिछले सप्ताह हुए एमस एस स्वामीनाथन के निधन पर शोक जाहिर किया है. इस दौरान उन्होंने उन पर एक लेख भी लिखा. पीएम मोदी ने अपने इस लेख में कहा कि कुछ दिन पहले हमने प्रोफेसर एम.एस. को खो दिया. स्वामीनाथन एक ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंन देश में कृषि विज्ञान में क्रांति ला दी थी. मोदी ने कहा कि उनका योगदान हमेशा ही स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा.
मोदी ने अपने आर्टिकल में कहा कि स्वामीनाथन कम उम्र में ही डॉ. नॉर्मन बोरलॉग के संपर्क में आए और उनके काम का विस्तार से अनुसरण किया. 1950 के दशक में. उन्हें अमेरिका में एक संकाय पद की पेशकश की गई थी, लेकिन उन्होंने इसे अस्वीकार कर दिया क्योंकि वह भारत में और भारत के लिए काम करना चाहते थे, जो कि आज के वक्त के युवाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत हैं
