हरियाणा (मानवीय सोच) : फेलिक्स हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने बिना ओपन हार्ट सर्जरी के एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट (एएसडी) का इलाज करने में सफालता पाई है. मरीज के दिल में छेद होने के कारण उसे सांस लेने की समस्या बनी हुई थी। कर्डियोलॉजिस्ट डॉ. सिद्धार्थ सम्राट का कहना है कि हरियाणा के 23 वर्षीय पुरुष सचिन यादव को सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के साथ फेलिक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें सांस फूलने की समस्या बनी हुई थी.
मरीज की जांच में पता चला कि मरीज को 10 मिमी का एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट (एएसडी) था. जो एक जन्मजात हृदय की स्थिति है। जिसमें एट्रियल सेप्टम में छेद होता है. एएसडी के आकार और रोगी के लक्षणों को देखते हुए, ओपन-हार्ट सर्जरी की आवश्यकता के बिना छेद को बंद करने के लिए न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रिया का उपयोग करके मरीज का इलाज करने का निर्णय लिया गया.
