लखनऊ : (मानवीय सोच) केवल दस रुपये के ई-स्टांप को बेहद सफाई से छेड़छाड़ कर एक लाख दस हजार पांच सौ रुपये (1,10,500) का बना दिया गया। संदेह होने पर छानबीन कराई तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे प्रदेश में करीब 1.25 लाख रजिस्ट्री की जांच एसआईटी से कराई जा रही है। पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए जांच स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) से कराए जाने की तैयारी है। इस तरह की जालसाजी रोकने के लिए विभाग ने तत्काल प्रभाव से अत्याधुनिक जांच सिस्टम भी लागू कर दिया है।
दरअसल, गाजियाबाद की एक प्रापर्टी की रजिस्ट्री में एक लाख दस हजार पांच सौ रुपये का ई-स्टांप लगाया गया। संदेह होने पर विभाग ने इसकी जांच की तो स्टांप की हैसियत महज 10 रुपये निकली। आगरा निवासी मो. जाहिद ने यह फर्जीवाड़ा किया। इसके लिए उसने पहले स्टांप की स्कैनिंग की। स्टांप में रकम तीन जगह लिखी होती है।
