दिल्ली : (मानवीय सोच) दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को ताजमहल के निर्माण संबंधी याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान हाईकोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) कई निर्देश दिए। कहा कि इतिहास की किताबों से ताजमहल के निर्माण के बारे में कथित और तथ्यात्मक रूप से गलत जानकारी हटाएं। साथ ही स्मारक की उम्र का पता लगाने की मांग करने वाली याचिका पर निर्णय लेने के लिए कहा। मुख्य न्यायाधीश सतीशचंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनाई की। इस याचिका में दावा किया गया था कि मुगल सम्राट शाहजहां ने ताजमहल का निर्माण नहीं कराया। उन्होंने सिर्फ राजा मान सिंह के महल का नवीनीकरण कराया था।
