लखनऊ : (मानवीय सोच) लोकसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा विपक्ष के जातीय जनगणना की काट के लिए राष्ट्रवाद और विकास के मुद्दे को धार देगी। साथ ही पिछड़े व दलित वर्गों में जनाधार बढ़ाएगी। दिल्ली में हुई बैठक के बाद प्रदेश में सरकार व संगठन में पिछड़ों व दलितों की भागीदारी बढ़ाने की रणनीति बनी है। भाजपा को विभिन्न राज्यों से मिले फीडबैक में सामने आया है कि उत्तर भारत के राज्यों में जातीय जनगणना का मुद्दा पिछड़ों के बीच धीरे-धीरे जम रहा है। इसीलिए भाजपा का शीर्ष नेतृत्व इस मुद्दे की काट तलाशने में जुट गए हैं।
यूपी में भाजपा अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर राम मंदिर निर्माण, वाराणसी में काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर निर्माण, जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति और काशी में ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे, विध्यांचल धाम कॉरिडोर, बृज तीर्थ क्षेत्र परिषद सहित अन्य राष्ट्रवाद के मुद्दों को धार देगी। सरकार की योजनाओं में पिछड़े व दलित वर्ग के लाभार्थियों को भी साधेंगे। प्रदेश में बीते साढ़े छह साल में हुए विकास के मुद्दे को भी जातीय जनगणना के खिलाफ हथियार बनाएंगे।
