लखनऊ : (मानवीय सोच) पूर्व राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि पहले भारत की संसद में वंदे मातरम गीत नहीं गाया जाता था। मेरे प्रयासों से राज्यसभा व लोकसभा में वंदे मातरम का गायन शुरू हुआ। यह गीत आज ही के दिन 7 नवंबर 1875 को लिखा गया था इसलिए आज का दिन महत्वपूर्ण है। वह मंगलवार को लखनऊ में भाजपा कार्यालय में मीडिया को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने प्रदेश की योगी सरकार की तारीफ की।
उन्होंने कहा कि प्रदेश ने 2017 के बाद ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में बड़ी छलांग लगाई है। यूपी 17वें से दूसरे स्थान पर आ गया है। प्रदेश में विकास को गति मिली है। पूर्व राज्यपाल ने कहा कि 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी। 24 जनवरी को यूपी दिवस मनाया जाएगा और 26 जनवरी को गणतंत्र की स्थापना के 75 साल पूरे हो जाएंगे। उन्होंने राजभवन की मौजूदा व्यवस्था पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
