सुप्रीम कोर्ट ने 13-वर्षीया नाबालिग से बलात्कार के आरोपी उत्तर प्रदेश के एक पुलिस अधिकारी को जमानत देने से इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया है। चार लोगों ने पीड़िता का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया था, जिसकी शिकायत करने के लिए उसे संबंधित थाने लाया गया था, जहां तत्कालीन थाना प्रभारी ने भी कथित तौर पर लड़की के साथ बलात्कार किया था। अधिकारी को दी गई जमानत को उचित ठहराने का कारण नहीं है जिसने नाबालिग लड़की से बलात्कार के जघन्य अपराध को अंजाम देने के लिए कथित रूप से अपने आधिकारिक पद का गंभीर रूप से दुरुपयोग किया है। न्यायमूर्ति ए. एस. बोपन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने उच्च न्यायालय के पिछले साल दो मार्च के आदेश को चुनौती देने वाली पीड़िता की मां की याचिका पर यह आदेश दिया है।
