सरकार भले ही बदल गई है लेकिन महिलाओं के साथ हुए बलात्कार के मामलों में कमी नहीं आई है। सत्ता में आने से पहले भाजपा ने आपराधिक घटनाक्रमों और खासतौर पर महिलाओं के साथ हुए दुष्कर्म के मामलों को मुख्य मुद्दा बनाया था। हालांकि भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद पुलिस अफसरों को साफ निर्देश दिए कि आपराधिक घटनाओं पर लगाम लगाई जाए और बदमाशों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पुलिस की ओर से पिछले चार पांच महीनों में बदमाशों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की गई जिससे हत्या, लूट और डकैती जैसे गंभीर अपराधों में कमी आई है लेकिन बलात्कार के मामलों में गत वर्ष की तुलना में बढ़ोतरी हुई है। 15 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शपथ ली थी और 15 दिन बाद प्रदेश में नया मंत्रिमंडल बना था। इसके बाद जनवरी से लेकर अप्रैल 2024 तक के आंकड़ों पर गौर करें तो बलात्कार के मामलों में काफी इजाफा होता नजर आ रहा है। हालांकि महिला अपराधों के कुल मामलों में जरूर कमी आई है लेकिन दुष्कर्म के मामले बढ़े हैं। गत वर्ष जनवरी से लेकर अप्रैल तक 1549 प्रकरण दर्ज हुए थे जबकि इस साल इन चार महीनों में 1669 प्रकरण दर्ज हुए हैं। चोरी के मामले भी पिछले साल की तुलना में बढ़े हैं। गत वर्ष जनवरी से अप्रैल तक चोरी के कुल 17061 प्रकरण सामने आए थे जबकि इस साल 17401 प्रकरण सामने आए हैं। नकबजनी के मामले भी 2372 से बढ़कर 2746 हो गए हैं।
