उत्तर प्रदेश शासन के द्वारा जिस प्रकार अवैध बालू मौरंग माफियाओं के ऊपर शिकंजा कसा जा रहा है। प्रशासन द्वारा दिन प्रतिदिन कार्रवाई की जा रही है। इस प्रकार से अवैध प्लाटिंग करने वाले माफियाओं पर भी शिकंजा कसा जाना चाहिए। नगर पंचायत रामसनेहीघाट क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक जगहों पर धड़ल्ले से अवैध प्लाॅटिंग का काला कारोबार फल फूल रहा है। अधिकारियों द्वारा ऐसे भूमाफियाओं पर लगाम नहीं कसने से अवैध प्लाटिंग करने वालों के हौसले बुलंद हैं।
नगर पंचायत रामसनेहीघाट में अगर आप अपने घर, दुकान आदि के लिए प्लाट खरीदने के इच्छुक हैं तो सतर्क रहिए। नगर पंचायत के गांवों में अवैध प्लाटिंग का कारोबार जोरों पर है। कारोबारी जिला पंचायत और नगर पंचायत की अनुमति के बिना प्लाटिंग का कारोबार कर रहे हैं। वहीं अधिकारी भी इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं। जिसका नतीजा यह है कि प्लाटिंग के दौरान यह भूमाफिया सारे नियम कायदे ताक पर रख देते हैं।
इन आवासीय इलाकों में सड़क, नाली तक की सुविधाओं को नजर अंदाज किया जा रहा है। 10 से 15 फीट की सड़कें देकर प्लाट तैयार किए जा रहे हैं। ऐसे में तो किसी आपदा के दौरान फायर ब्रिगेड जैसे वाहनों तक का पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में अभी जब पूरे भू-खंडों में घरों का निर्माण नहीं हुआ है। तब तक वाहनों की आवाजाही में दिक्कतें नहीं होगी, लेकिन घर बनने के बाद सड़कें संकीर्ण हो जाती हैं और वाहनों की आवाजाही भगवान भरोसे ही रहती है। वहीं जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इस मामले में किसी प्रकार की कार्रवाई न करने से भी अवैध प्लाटिंग के कारोबार को कहीं न कहीं संरक्षण प्रदान किया जा रहा है।
