तस्वीर मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल के शौचालय की है। यह समाज की एक ऐसी बदरंग तस्वीर है जिसे छापा जाना भी जरूरी है और थोड़ा परदा डाला जाना भी। समाज का भय, बेटे-बेटी में फर्क वाली मानसिकता का दबाव, जिंदगी से परेशान होकर लिया गया फैसला… या कुछ और। क्योंकि कोई मां इतनी क्रूर तो नहीं हो सकती। समाज को झकझोर देने वाली यह घटना सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के कांठ रोड स्थित साहू रामेश्वर सरन कोठीवाल अस्पताल (एसआरएसके अस्पताल की) है। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे एक महिला टॉयलेट में गई तो उसने देखा कि सिस्टर्न के ऊपर एक भ्रूण रखा हुआ है। महिला के शोर मचाने पर अस्पताल के कर्मचारी, डॉक्टर भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने भ्रूण की जांच पड़ताल की और डॉक्टरों से राय ली। तब पता चला कि चार से पांच माह का भ्रूण बच्ची का है। पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है कि भ्रूण को इस तरह टॉयलेट में छोड़ने वाली महिला कौन थी।
