यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ चौथी एफआईआर दर्ज की गई है. भारत लौटने के बाद से ही वो पुलिस की हिरासत में हैं, अब उनके ऊपर यौन एत्पीड़न करने, पीछा करने और धमकी देने के आरोप में एक और प्राथमिकी दर्ज की गई है. उत्पीड़न के मामलों की जांच कर रही कर्नाटक पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने हसन के पूर्व जनता दल (सेक्युलर) सांसद के खिलाफ मंगलवार को चौथा मामला दर्ज किया है. एफआईआर में हसन के पूर्व भाजपा विधायक प्रीतम गौड़ा सहित तीन अन्य का भी नाम शामिल है. पुलिस सूत्रों ने कहा कि प्रीतम, किरण और शरथ पर पीड़िता की फोटो शेयर करने का आरोप लगाया गया है,
जिन्हें प्रज्वल ने पीड़िता के यौन उत्पीड़न के दौरान वीडियो कॉल पर रिकॉर्ड की थीं. ताजा मामले के साथ ही अब इस मामले में, प्रज्वल के खिलाफ यह चौथा मामला दर्ज किया गया है. पुलिस के एक सूत्र ने ‘पीटीटाई-भाषा’ को पुष्टि की कि, ‘प्रज्वल एवं तीन अन्य लोगों के खिलाफ विशेष जांच दल (एसआईटी) ने ताजा प्राथमिकी दर्ज की है. प्राथमिकी में भाजपा के पूर्व विधायक प्रीतम गौड़ा का नाम भी शामिल है.’
सूत्रों ने बताया कि यह मामला भारतीय दंड विधान की धारा 355 ए, 354 बी, 354 डी तथा 506 एवं सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 ई के तहत मामला दर्ज किया गया है. पूर्व सांसद प्रज्वल फिलहाल पुलिस की हिरासत में है. इससे पहले, रेवन्ना को यौन उत्पीड़न के मामले में एक बार फिर से पुलिस की हिरासत में भेज दिया गया. पूर्व सांसद की पुलिस रिमांड की अवधि 29 जून तक बढ़ायी गयी है. प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ कई महिलाओं का यौन शोषण करने और उनकी अश्लील वीडियो बनाने का आरोप है. सूत्रों ने बताया कि पीड़ितों के वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए सीआईडी साइबर अपराध मामले में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते प्रज्वल की पुलिस हिरासत 29 जून तक बढ़ा दी गई है. प्रज्वल (33) को 31 मई को जर्मनी से लौटने के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया गया था.
