अब ऑनकॉन गाइनेकोलॉजिस्ट और एनेस्थेसिस्ट विशेषज्ञों की सुविधा मरीजों को मिलेगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से बजट आवंटित किया जा रहा है। प्रदेश के फर्स्ट रेफरल यूनिट के रूप में कुछ अस्पताल चिह्नित किए गए हैं। जिनमें रात आठ बजे से सुबह आठ बजे तक ऑन कॉल ड्यूटी करने वाली प्रइवेट प्रैक्टिस करने वाली महिला रोग विशेषज्ञ को 5000 रुपये दिए जाएंगे। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि जिन जिला महिला अथवा संयुक्त चिकित्सालयों पर एक ही गायनोकॉलॉजिस्ट एवं एक ही एनेस्थेटिस्ट है,
वहां रात्रिकालीन आकस्मिक सिजेरियन प्रसव पर ऑनकॉन सुविधा रहेगी। ऑनकॉल विशेषज्ञ चिकित्सक स्वास्थ्य इकाई छोड़ने से पूर्व यह सुनिश्चित करेगा कि लाभार्थी वाइटल स्टेबल हों। उन्हें उपस्थित चिकित्सक को लाभार्थी की स्थिति से अवगत कराना होगा। ऑनकॉल विशेषज्ञ चिकित्सक के इकाई छोड़ने पर प्रसूता के पोस्ट ऑपरेटिव केयर का दायित्व स्वास्थ्य इकाई के चिकित्सा अधीक्षक का होगा। जरूरत पर ऑनकॉल विशेषज्ञ चिकित्सक को फिर से (फॉलोअप विजट) बुलाया जा सकता है।
