केजरीवाल की कुर्सी आतिशी के लिए होगी ‘भरत की खड़ाऊ’

राजनीतिक उठापटक के बाद आप की नेता आतिशी मार्लेना ने आज दिल्ली की आठवीं मुख्यमंत्री का प्रभार संभाल लिया। प्रभार संभालते ही आतिशी ने केजरीवाल की कुर्सी को लेकर बयान दिया। उनके बयान से ऐसा लगता है कि वह पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के किसी भी चीज का अपने उपयोग में नहीं लाएंगी। केजरीवाल की कुर्सी को आतिशी ने ‘भरत की खड़ाऊ’ बताया है। दिल्ली की नई मुख्यमंत्री के तौर पर आतिशी ने प्रभार संभालने के बाद कहा, “आज मेरे मन में भी वही व्यथा है, जैसी भगवान राम जी के वनवास जाने पर भरत जी के मन में थी।

उन्होंने भगवान राम की खड़ाऊँ रखकर शासन चलाया था। भगवान राम हम सभी के आदर्श हैं और केजरीवाल जी ने उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए दिल्लीवालों की सेवा की और मर्यादा का पालन करते हुए CM पद से इस्तीफ़ा दे दिया। मुझे विश्वास है कि अब दिल्लीवाले केजरीवाल जी को विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत से विजयी बनाकर फिर से CM बनायेंगे। तब तक यह मुख्यमंत्री की कुर्सी केजरीवाल जी का इंतज़ार करेगी।”बताते चलें कि, आतिशी मुख्यमंत्री कार्यालय में एक अलग कुर्सी पर बैठीं।

बताते चलें कि, सीएम की कुर्सी पर आतिशी के काबिज होने के साथ ही नए मंत्रिमंडल का भी गठन हुआ है जिसमें आतिशी के बाद सबसे अधिक आठ विभाग सौरभ भारद्वाज के पास हैं जिनमें स्वास्थ्य, पर्यटन, कला और संस्कृति शामिल हैं। मंत्रिमंडल में पहली बार शामिल हुए मुकेश अहलावत के पास श्रम, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति, रोजगार और भूमि व भवन विभाग हैं। गोपाल राय को विकास, सामान्य प्रशासन, पर्यावरण और वन विभाग दिया गया है जो उनके पास केजरीवाल सरकार में पहले भी थे।परिवहन, गृह, प्रशासनिक सुधार, महिला एवं बाल विकास विभाग कैलाश गहलोत के पास बरकरार हैं। आतिशी की अगुवाई वाले नए मंत्रिमंडल के सामने फरवरी में दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले अगले कुछ महीनों में शुरू की जाने वाली कई परियोजनाएं, योजनाएं तथा नयी पहलों की लंबी सूची है।