मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहियागंज गुरुद्वारा में गुरु परंपरा के नवम् गुरु श्री तेग बहादुर जी महाराज के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान सीएम योगी ने उनके बलिदान और स्मृतियों को नमन करते हुए कहा कि सिख पंथ के अनुयायियों ने अपनी साधना और सामर्थ्य से अपने कौम के साथ-साथ पूरे देश को और पूरे सनातन धर्म को न केवल सुरक्षा प्रदान की बल्कि एक लंबे समय के लिए उन्हें अभय भी प्रदान किया। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी महाराज ने उस समय कश्मीर को बचाया था जब वहां के सनातन धर्मावलंबियों को विदेशी आक्रांताओं द्वारा धर्म परिवर्तन करने का आदेश मिला था।
सीएम ने कहा कि आज बांग्लादेश में जो कुछ भी हो रहा है वह किसी से छुपा हुआ नहीं है। पाकिस्तान में इससे पहले जो कुछ भी हुआ वह किसी से छुपा हुआ नहीं है। आखिर ननकाना साहिब इन सबसे कब तक दूर रहेगा। हमें हमारा अधिकार वापस मिलना चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि अगर 1947 में सूझबूझ दिखाई गई होती तो संभव है कि आज हरि कीर्तन यात्रा में आने वाला व्यवधान वहां पर नहीं देखने को मिलता। इतिहास के उन गलतियों के परिमार्जन का अवसर आज इतिहास हमें दे रहा है।
मुझे लगता है कि उसे परिमार्जन के लिए हम सभी को अपने आप को तैयार करना होगा। एकजुट होकर एक साथ मिलकर इस अभियान का हिस्सा बनना होगा।सीएम योगी ने कहा कि गुरु तेग बहादुर ने कश्मीरी पंडितों को एक नया जीवन दिया था। धर्म परिवर्तन के आदेश के बाद सुरक्षा के लिए भटक रहे कश्मीरी पंडितों को न सिर्फ नया जीवन दिया था बल्कि उनसे कहा था कि अत्याचारियों से कह दो कि पहले हमारे गुरु को इस्लाम स्वीकार कराओ। सीएम योगी ने कहा कि गुरु तेग बहादुर ने हमेशा देश और धर्म को प्राथमिकता दी और किसी विदेशी आक्रांता के सामने सिर नहीं झुकाया।
सीएम योगी ने कहा कि वह कैसा कालखंड रहा होगा जब एक विदेशी आक्रांता बाबर देश के अंदर अत्याचार कर रहा था, उसके खिलाफ गुरु नानक देव जी ने आवाज उठाई थी। सीएम ने कहा कि इतिहास के उन पन्नों को कौन नहीं जानता है जब भक्ति की इस परंपरा से ऊपर उठकर उन्होंने समय के साथ तात्कालिक समाज को एक नई दिशा देने का काम किया था। वहां से चलकर हम शहादत और बलिदान की एक सुदृढ़ नियम को आगे बढ़ाते हुए गुरु गोविंद सिंह महाराज तक पहुंचे। वह शक्ति का एक दिव्य पुंज बन करके न केवल सनातन धर्म की रक्षा के लिए बल्कि भारत की रक्षा के लिए अपने आपको बलिदान करने से पीछे नहीं हटे।
