प्रयागराज में मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ ने 579 करोड़ रु0 की 181 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया

श्रृंग्वेरपुर धाम प्रयागराज में मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम
के प्रिय सखा भगवान निषादराज गुह्य का जन्मोत्सव कार्यक्रम

मुख्यमंत्री ने 579 करोड़ रु0 की 181 विकास
परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया

भगवान श्रीराम और निषादराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया

निषादराज बोट सब्सिडी योजना के तहत 1,100 नाविकों
को 3.20 करोड़ रु0 तथा मत्स्य सम्पदा योजना के अन्तर्गत
1,400 मत्स्य पालकों को 20 करोड़ रु0 का ऋण वितरित किया

किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से मत्स्य पालकों को 138 करोड़ रु0 का ऋण
और स्वयं सहायता समूहों को अनुदान राशि का प्रतीकात्मक चेक प्रदान किया

श्रृंग्वेरपुर में निषादराज पार्क भगवान श्रीराम
और निषादराज के मित्रता का अद्भुत उदाहरण

जैसी मित्रता प्रभु श्रीराम और निषादराज में थी,
वैसी ही मित्रता का निर्वहन वर्तमान सरकार कर रही

महाकुम्भ के माध्यम से प्रयागराज आज स्मार्ट सिटी से
भी एक कदम आगे विकास की यात्रा तय कर रहा

ऋषि श्रृंगी तथा माता शान्ता के मन्दिर का सुन्दरीकरण तथा
संस्कृत विद्यालय का पुनरोद्धार कार्यक्रम आगे बढ़ाया जाएगा

निषादराज की परम्परा को आगे बढ़ाने वाले केवट, निषाद तथा मल्लाह
आदि को आधुनिक तथा सी0एन0जी0 युक्त नौकाएं प्रदान करने हेतु
योजना बनाने के लिए प्रयागराज प्रशासन को निर्देश

प्रदेश सरकार भू-माफियाओं तथा अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति पर कार्य कर रही

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि डबल इंजन सरकार पूर्वजों की विरासत को भव्य रूप से सजाने का कार्य कर रही है। पूर्वजों की थाती, परम्परा तथा विरासत को अक्षुण्ण बनाने वाले लोग ही, जीवन्त तथा अमर कहलाते हैं। पूर्वजों के आशीर्वाद से ही हम अपने जीवन को सफल बना पाते हैं। आज श्रृंग्वेरपुर में भगवान श्रीराम और निषादराज के मिलन को दर्शाता यह भव्य स्मारक निषादराज पार्क के रूप में देखने को मिल रहा है। यह आपके गौरव का प्रतीक बन गया है। यह महापुरुषों तथा पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का एक माध्यम है।

इसने प्रयागराज के नाम को सार्थक किया है।
मुख्यमंत्री जी आज जनपद प्रयागराज के श्रृंग्वेरपुर धाम में मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के प्रिय सखा भगवान निषादराज गुह्य के जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर 579 करोड़ रुपये की 181 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री जी ने प्रभु श्रीराम एवं निषादराज से सम्बन्धित कथाओं तथा एक जनपद एक उत्पाद योजना पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारम्भ किया। भगवान श्रीराम और निषादराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर निषादराज पार्क का निरीक्षण किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जी ने निषादराज बोट सब्सिडी योजना के तहत 1,100 नाविकों को 3.20 करोड़ रुपये तथा मत्स्य सम्पदा योजना के अन्तर्गत 1,400 मत्स्य पालकों को 20 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया

किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से मत्स्य पालकों को 138 करोड़ रुपये का ऋण और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत स्वयं सहायता समूहों को अनुदान राशि का प्रतीकात्मक चेक भी प्रदान किया। मुख्यमंत्री जी ने प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को आवास की प्रतीकात्मक चाभी प्रदान की।

उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अन्तर्गत युवाओं को स्वीकृति पत्र प्रदान किए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी को भगवान श्रीराम के वेश में एक बालक ने शिव स्तुति सुनाई।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बासन्तिक नवरात्रि की पंचमी तिथि के अवसर पर आज यहां प्रभु श्रीराम के मित्र निषादराज की पावन जयन्ती कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। हम लोग भारत की इस ऐतिहासिक भूमि पर एकत्रित हुए हैं। हजारों वर्ष पूर्व इसी धरा पर जब मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम अपने पूज्य पिता को दिये गये वचनों के अनुरूप वन के लिए प्रस्थान कर रहे थे, तो महर्षि भारद्वाज के आश्रम में जाने से पहले माँ गंगा को पार करने के लिए उन्होंने श्रृंग्वेरपुर की इस पावन धरा पर कदम रखा था। यह महर्षि श्रृंगी और माता शान्ता का स्थल माना जाता है।

महर्षि श्रृंगी के बारे में मान्यता है कि उनके द्वारा महर्षि वशिष्ठ की प्रेरणा से किये गये पुत्रेष्टि यज्ञ के कारण महाराज दशरथ के घर में भगवान राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का जन्म हुआ था।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि माता शान्ता को भगवान श्रीराम की बड़ी बहन के रूप में मान्यता प्राप्त है प्रभु श्रीराम ने यहां आकर माता शान्ता को अपना परिचय दिया। प्रभु श्रीराम के बचपन के मित्र निषादराज को जब उनके आने की जानकारी प्राप्त हुई, तो उन्होंने अपने राजमहल में रुकने का आग्रह किया। भगवान श्रीराम ने कहा कि उनके पिता ने उन्हें वनवास की आज्ञा प्रदान की है, इसलिए वह वन में ही रहेंगे। निषादराज ने प्रभु श्रीराम को न केवल गंगा जी को पार करने में सहायता की, बल्कि वह उन्हें महर्षि भारद्वाज आश्रम तक लेकर गये तथा यमुना जी को पार कराकर चित्रकूट तक पहुंचाने का काम किया। मित्रता का यह अद्भुत उदाहरण है। आज इतिहास अपने आपको दोहरा रहा है। जैसी मित्रता प्रभु श्रीराम और निषादराज में थी, वैसी ही मित्रता का निर्वहन वर्तमान सरकार कर रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज यहां मत्स्य सम्पदा योजना के अन्तर्गत मत्स्य पालकों को करोड़ों रुपये की धनराशि उपलब्ध करायी गई है। मुख्यमंत्री आवास योजना तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत गरीबों के मकान बन रहे हैं। दिव्यांगजन तथा निराश्रितों आदि को पेंशन की सुविधा प्राप्त हो रही है। दुनिया का कौन सा देश तथा भारत का कौन सा प्रदेश ऐसा था, जहां के लोगों ने महाकुम्भ-2025 में त्रिवेणी के पावन संगम में स्नान कर अपने जीवन को धन्य न किया हो। प्रयागराज को वैश्विक मान्यता प्राप्त हुई है। प्रयागराजवासियां को महाकुम्भ-2025 की सफलता का श्रेय तथा माँ गंगा का आशीर्वाद प्राप्त हो रहा है।
प्रभु श्रीराम, माँ गंगा, द्वादश माधव, महर्षि भारद्वाज और निषादराज की असीम कृपा के कारण ही महाकुम्भ सफलता की ऊँचाइयों तक पहुंचा। प्रयागराज को एक नई पहचान प्राप्त हुई है। महाकुम्भ ने देश और दुनिया में सनातन धर्मावलम्बियां को नई पहचान दिलायी है। देश-दुनिया के सामने मिसाल प्रस्तुत की है कि इतना बड़ा आयोजन केवल सनातन धर्मावलम्बी व राम भक्त ही कर सकते हैं। इस कार्य के लिए राष्ट्र निष्ठा की आवश्यकता होती है। जिनके मन में राष्ट्र के प्रति समर्पण का भाव नहीं है, वह इतना बड़ा आयोजन नहीं कर सकते हैं। प्रयागराज महाकुम्भ में जो भी आया वह यहां से अभिभूत हो कर गया। यहां 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आये
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यदि आज आप देश-दुनिया में कहीं भी जाने पर अपना परिचय प्रयागराजवासी होने का देंगे, तो वहां के लोग आपको सिर-आँखों पर बिठाने का काम करेंगे। सम्मान और पहचान से बढ़कर कुछ नहीं होता। महाकुम्भ के माध्यम से प्रयागराज आज स्मार्ट सिटी से भी एक कदम आगे विकास की यात्रा तय कर रहा है। यह भव्य शहर के रूप में आप सभी के सामने है। आगन्तुक प्रयागराज की सुन्दरता को देखकर अभिभूत हो जाते हैं। वह सोचते हैं कि ऐसा ही उनका शहर भी होना चाहिए। प्रयागराज महाकुम्भ के माध्यम से श्री बड़े हनुमान जी मन्दिर, अक्षयवट, माँ सरस्वती, पातालपुरी, महर्षि भारद्वाज, नागवासुकी, द्वादश माधव आदि कॉरिडोर का निर्माण सम्पन्न हो चुका है। इन मणियों द्वारा प्रयागराज को नई पहचान प्राप्त हो रही है। महाकुम्भ में श्रद्धाभाव से दिन-रात मेहनत करते हुए यहां के नाविकों तथा गाइडों ने काफी धन अर्जित किया। जिसने जिस भाव से कार्य किया उसे माँ गंगा की कृपा से वह सब कुछ प्राप्त हुआ।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि निषादराज के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए रामनवमी से पूर्व निषादराज की जयन्ती पर आज आपको 580 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात प्रदान की जा रही है। इसमें यहां के जनप्रतिनिधियों ने प्रयागराज की कनेक्टिविटी के लिए जो धनराशि स्वीकृत करायी है, उससे सम्बन्धित मार्गों का लोकार्पण और शिलान्यास भी सम्मिलित है। यहां मेडिकल कॉलेज के अपग्रेडेशन के कार्य का भी शिलान्यास हो रहा है। इसमें प्रयागराज के विकास से जुड़े हुए अन्य कार्य भी सम्मिलित हैं। आवश्यकता पड़ने पर डबल इंजन सरकार हमेशा आपके साथ खड़ी है। विकास और विरासत के लिए धनराशि की कमी नहीं है। प्रयागराज अब इलाहाबाद से प्रयागराज हो चुका है। प्रयाग का तात्पर्य मिलन स्थल तथा प्रयागराज का तात्पर्य उस महामिलन स्थल से है, जहां माँ गंगा, माँ यमुना तथा माँ सरस्वती का मिलन होता है। यहां भगवान श्रीराम और निषादराज का मिलन भी हुआ था।
मुख्यमंत्री जी ने प्रदेशवासियों को रामनवमी तथा बासंतिक नवरात्रि की बधाई देते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम ने जिस स्थान पर रात्रि विश्राम किया था, उस स्थान का भी सुन्दरीकरण किया जा रहा है। घाटों का निर्माण किया जा रहा है। यहां सुन्दरीकरण के अन्य कार्य भी किये जाएंगे। विद्युत शवदाह गृह का निर्माण किया जाएगा। यहां ऋषि श्रृंगी तथा माता शान्ता के मन्दिर के सुन्दरीकरण तथा संस्कृत विद्यालय के पुनरोद्धार के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जाएगा।

उन्होंने निषादराज की परम्परा को आगे बढ़ाने वाले केवट, निषाद तथा मल्लाह आदि को आधुनिक तथा सी0एन0जी0 युक्त नौकाएं प्रदान करने हेतु योजना बनाने के लिए प्रयागराज प्रशासन को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि समय के अनुरूप इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाना आवाश्यक है। उन्होंने माँ गंगा की अविरलता तथा निर्मलता हेतु प्रयागराजवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि माँ गंगा हमारी विरासत की प्रतीक हैं।

इन्हें देव नदी की संज्ञा दी गई है। यह दिव्यता की प्रतिमूर्ति हैं। इनके आशीर्वाद के बिना हमारा कोई कार्य आगे नहीं बढ़ता। हमारी विरासत अत्यन्त समृद्ध है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले निषादराज की इस पौराणिक भूमि पर भू-माफियाओं ने कब्जा कर लिया था। विभिन्न शहरों में भी वक्फ के नाम पर कब्जे किये गये। जब प्रयागराज महाकुम्भ का आयोजन होने जा रहा था, तो यह मनमाना बयान दिया जा रहा था कि वक्फ की भूमि पर यह आयोजन होने जा रहा है। इन बातों को दरकिनार करते हुए भव्य और दिव्य कुम्भ का आयोजन किया गया। प्रदेश सरकार भू-माफियाओं तथा अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति पर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री जी ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और गृहमंत्री श्री अमित शाह जी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि इनके द्वारा वक्फ बोर्ड की मनमानी पर लगाम लगाने तथा उसे वेलफेयर के कार्य के साथ जोड़ने के लिए वक्फ बोर्ड से सम्बन्धित एक महत्वपूर्ण विधेयक को लोकसभा में पारित किया गया है। आज वह राज्यसभा में भी पारित किया जाएगा। देश के प्रति निष्ठा होनी चाहिए। नियत साफ है तो, नियन्ता स्वयं ही मार्ग प्रशस्त कर देता है।
औद्योगिक विकास मंत्री श्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’, मत्स्य मंत्री श्री संजय निषाद, पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री नरेंद्र कुमार कश्यप तथा जल शक्ति राज्यमंत्री श्री रामकेश निषाद ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।