रविवार की सुबह लगभग 5:00 बजे उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ धाम से वापस फटा आ रहा एक हेलीकॉप्टर जिसमें सात लोग सवार थे। वह क्रश हो गया और उसमे बैठे सभी यात्रियों की मृत्यु हो गई। सारे शवों के बुरी तरह जल जाने के कारण उनकी पहचान के लिए डीएनए टेस्ट करवाया जाएगा।

वहां के प्रधानमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च कोटि की मीटिंग बुलाई है। जिसमें उन्होंने आदेश दिया है, कि इस मामले की कड़ी सख्ती से जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जाए।
चार धाम यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर की सेवाएं सोमवार तक बिल्कुल स्थगित कर दी गई है।
हिमालय के क्षेत्र में जो अनुभवी पायलट होंगे उन्हें ही उड़ान की अनुमति दी जाएगी। देहरादून में ‘कमांड एंड कोऑर्डिनेशन केंद्र’ की स्थापना की जाएगी। सीएम ने मौसम पूर्वानुमान के लिए आधुनिक उपकरण लगाने और मृतकों के शवों को उनके राज्य तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए हैं। यह हेलीकॉप्टर गौरीकुंड के जंगल में क्रैश हुआ है। इस बार की यात्रा में कई बार हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग कराई जा चुकी है। यही कारण है कि अब सोमवार तक सारी हेलीकाप्टर सेवाएं बंद कर दी गई हैं
