धर्म की आड़ में जमीन और धर्मांतरण का खेल: जानिए कौन है छांगुर बाबा, क्यों गिराई गई आलीशान कोठी

गाज़ीपुर (उत्तर प्रदेश): जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा, जो खुद को एक आध्यात्मिक गुरु और समाजसेवक बताते थे, इन दिनों प्रशासन की सख्ती और जांच के घेरे में हैं। बाबा की पहचान सिर्फ एक धर्मगुरु की नहीं, बल्कि धर्मांतरण, जमीन कब्जाने और अवैध निर्माण कराने वाले एक नेटवर्क के सरगना के रूप में भी सामने आए है।
धर्मगुरु की आड़ में अवैध साम्राज्य
छांगुर बाबा ने गाज़ीपुर जिले के एक इलाके में खुद को चमत्कारी बाबा के रूप में स्थापित किया था। उनके अनुयायी बड़ी संख्या में जुटते थे और उनके दरबार में कई रसूखदार लोग भी नज़र आते थे। बाबा ने एक भव्य कोठी और आश्रम खड़ा किया था, जो अब प्रशासन द्वारा अवैध करार दिए जाने के बाद ढहा दी गई है।
प्रशासनिक कार्रवाई: बुलडोजर चला, अब खर्च की वसूली
प्रशासन ने बीते दिनों बाबा की करोड़ों की लागत वाली कोठी पर बुलडोजर चलाकर उसे जमींदोज कर दिया। अब प्रशासन ने एक और बड़ा कदम उठाया है – बाबा से इस कार्रवाई का पूरा खर्च वसूला जाएगा। सोमवार को उनकी कोठी पर वसूली का नोटिस चस्पा किया गया है।
क्या हैं आरोप?
अवैध धर्मांतरण राकेट
40 अकाउंट के माध्यम से 100 करोड़ की विदेशी फंडिंग
सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा
फर्जी बाबागिरी के जरिए लोगों से चंदा और जमीन हथियाना
बिना नक्शा पास कराए आलीशान कोठी और धार्मिक ढांचा बनवाना
कई पुराने मामलों की जांच फिर से खुली
जैसे ही बाबा की कोठी पर बुलडोजर चला, कई पुराने शिकायतकर्ता सामने आए। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि बाबा ने चमत्कार दिखाने के नाम पर उनकी ज़मीनें हथिया ली थीं। जिला प्रशासन और पुलिस अब इन शिकायतों की दोबारा जांच कर रही है।
राजनीतिक और सामाजिक दबाव से बचते रहे बाबा
बताया जाता है कि छांगुर बाबा ने राजनीति और धार्मिक पहचान के जरिए लंबे समय तक कार्रवाई से खुद को बचाए रखा। लेकिन हालिया प्रशासनिक सक्रियता और कानून का शिकंजा अब बाबा के पूरे नेटवर्क पर कसता जा रहा है।
