विश्व युवा कौशल दिवस पर लखनऊ में भव्य कौशल मेला, ‘AI नवाचार’ को मिला मंच, युवाओं को मिला सम्मान


विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लखनऊ में एक राज्य स्तरीय भव्य कौशल मेले का आयोजन किया गया। इस आयोजन को प्रदेश के सभी 75 जनपदों के कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों से डिजिटल रूप से जोड़ा गया, जिससे लाखों युवाओं ने एक साथ इस नवाचारमूलक पहल का हिस्सा बनकर अपनी भागीदारी दर्ज की।
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने युवाओं में कौशल आधारित शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे स्मार्ट प्रौद्योगिकीय विषयों को प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल करने तथा रोजगारोन्मुखी शिक्षा को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई।
? ‘AI नवाचार’ बना कार्यक्रम का केंद्रबिंदु
इस वर्ष के आयोजन की सबसे उल्लेखनीय विशेषता थी AI नवाचार आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का प्रदर्शन और उनमें भाग ले रहे प्रशिक्षणार्थियों का सीधा संवाद। स्मार्ट फैक्ट्री सिमुलेशन, मशीन लर्निंग ऐप्स, डेटा एनालिटिक्स जैसे तकनीकी क्षेत्रों में युवाओं की भागीदारी और उनकी नवाचार क्षमताएं दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर गईं।
? इंडस्ट्री एंबेसडर सम्मान से नव उद्यमियों को सम्मानित किया गया
कौशल मेला केवल प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें उन युवाओं को भी मंच दिया गया जिन्होंने पारंपरिक उद्योगों में नवाचार कर समाज में बदलाव लाने की कोशिश की। ऐसे यूथ आइकॉन्स और नव उद्यमियों को ‘इंडस्ट्री एंबेसडर सम्मान’ से नवाजा गया, जिससे अन्य युवाओं को प्रेरणा मिली।
? स्किल रथ को दिखाई गई हरी झंडी
कार्यक्रम में युवाओं के बीच कौशल जागरूकता को और अधिक जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से स्किल रथ अभियान की शुरुआत की गई। यह रथ प्रदेश के विभिन्न जिलों में जाकर युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, स्टार्टअप गाइडेंस और डिजिटल लर्निंग संसाधनों के बारे में जागरूक करेगा।
? उत्तर प्रदेश सरकार और MNNIT प्रयागराज के बीच हुआ MoU
कार्यक्रम के दौरान एक और ऐतिहासिक कदम उठाया गया, जब उत्तर प्रदेश सरकार और मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNNIT), प्रयागराज के बीच स्मार्ट प्रौद्योगिकी आधारित कौशल प्रशिक्षण को लेकर एक समझौता (MoU) हुआ। इसका उद्देश्य प्रशिक्षकों को नई तकनीकों में प्रशिक्षित करना और युवाओं को cutting-edge skills प्रदान करना है।
? पिछले 8 वर्षों में कौशल विकास का सकारात्मक परिणाम
मुख्यमंत्री द्वारा भेजे गए संदेश में उल्लेख किया गया कि कैसे पिछले आठ वर्षों में परंपरागत उद्यमों को पुनर्जीवित कर प्रदेश में एक ‘नया उत्तर प्रदेश’ आकार ले रहा है। बुनकरों, कारीगरों, कुम्हारों जैसे पारंपरिक क्षेत्रों में नवाचार से जुड़े कार्यक्रमों से हजारों युवाओं को नया रोजगार मिला है। यह स्पष्ट किया गया कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में युवाओं की प्रतिभा, ऊर्जा और नवाचार की अहम भूमिका होगी।
