भारत-UK आर्थिक संबंधों में नया युग: CETA समझौते पर हस्ताक्षर

? भारत-UK व्यापारिक संबंधों में नया युग: CETA समझौते पर हस्ताक्षर

प्रधानमंत्री की ब्रिटेन यात्रा के दौरान ऐतिहासिक समझौता, व्यापार, निवेश और नौकरियों के नए रास्ते खुलेंगे भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच आर्थिक साझेदारी को नई ऊँचाइयों पर पहुंचाने वाला Comprehensive Economic and Trade Agreement (CETA) गुरुवार को दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की मौजूदगी में लंदन में हस्ताक्षरित हुआ। इस समझौते को भारत-UK आर्थिक संबंधों में “ऐतिहासिक मील का पत्थर” बताया जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और British Prime Minister Keir Starmer की मौजूदगी में यह बहुप्रतीक्षित समझौता संपन्न हुआ। इसके तहत द्विपक्षीय व्यापार, सेवाओं, निवेश, शिक्षा, टेक्नोलॉजी और रोजगार के क्षेत्रों में अभूतपूर्व सहयोग के नए द्वार खुलेंगे।

? CETA समझौते के प्रमुख बिंदु:

1. शून्य शुल्क पर व्यापार

अब दोनों देश के व्यापारी सैकड़ों उत्पादों को बिना आयात शुल्क के निर्यात/आयात कर सकेंगे। इससे वस्त्र, फार्मा, ऑटो-पार्ट्स, एग्रो-प्रोडक्ट्स जैसे क्षेत्रों को खास लाभ होगा।

2. सेवाओं के क्षेत्र में खुलापन
IT, हेल्थकेयर, फिनटेक, एजुकेशन और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में कंपनियों को दूसरे देश में आसान पहुँच मिलेगी। भारतीय पेशेवरों और स्टार्टअप्स को UK में नए अवसर मिलेंगे।

3. MSME के लिए विशेष सहयोग
छोटे और मझोले उद्योगों के लिए फाइनेंस, प्रशिक्षण और तकनीकी हस्तांतरण की विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे भारत में रोजगार सृजन को गति मिलेगी।

4. निवेश की नई लहर
दोनों देशों ने निवेश को सुरक्षित और आकर्षक बनाने के लिए पारस्परिक संरक्षण और सुविधा देने पर सहमति जताई है। अनुमान है कि UK से भारत में निवेश में अगले 3 वर्षों में 30% से अधिक वृद्धि होगी।

5. वीज़ा प्रक्रिया में लचीलापन
व्यापारियों, छात्रों और टूरिस्ट्स के लिए वीज़ा प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने पर सहमति बनी है। इससे भारतीय छात्रों को उच्च शिक्षा और काम के अवसर मिलेंगे।

INDIA प्रधानमंत्री की UK यात्रा के प्रमुख पड़ाव:

प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा में उन्होंने लंदन स्थित डाउनिंग स्ट्रीट 10 में ब्रिटिश प्रधानमंत्री से विस्तृत वार्ता की। इसके अलावा उन्होंने “India-UK Business Roundtable” को भी संबोधित किया जिसमें दोनों देशों के शीर्ष उद्योगपतियों और निवेशकों ने भाग लिया

इस दौरान प्रधानमंत्री ने ब्रिटेन में बसे प्रवासी भारतीय समुदाय को भी संबोधित किया और भारत की प्रगति में उनके योगदान की सराहना की।

? अनुमानित आर्थिक प्रभाव:

क्षेत्र अनुमानित लाभ

द्विपक्षीय व्यापार ₹8 लाख करोड़ अगले 5 वर्षों में
नई नौकरियां भारत और UK दोनों में लाखों अवसर
विदेशी निवेश UK से भारत में निवेश में 30% वृद्धि
निर्यात भारतीय वस्तुओं को ब्रिटिश बाजार में आसान पहुंच

? क्या बोले दोनों प्रधानमंत्री:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा:
“CETA समझौता भारत और ब्रिटेन की साझेदारी को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाएगा। यह ‘मेक इन इंडिया’ को वैश्विक मंच पर ले जाने में मदद करेगा।”

ब्रिटिश प्रधानमंत्री Keir Starmer  ने कहा:
“यह समझौता सिर्फ व्यापार का नहीं, बल्कि साझा मूल्यों, तकनीक और नवाचार का है। भारत-UK साझेदारी अब एक नए युग में प्रवेश कर चुकी है।”

? निष्कर्ष:

भारत-UK CETA समझौता सिर्फ दो देशों के बीच व्यापार समझौता नहीं, बल्कि रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक है। यह भारत के लिए एक बड़ा कूटनीतिक और आर्थिक अवसर है, जिससे आने वाले वर्षों में देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

✍ रिपोर्ट: [ संपादक अनुग्रह/ मानवीय सोच]