हरिद्वार: ‘रेलिंग में करंट’ की अफवाह से मची भगदड़, 6 की मौत

हरिद्वार में मची भगदड़: अफवाह ने ली 6 श्रद्धालुओं की जान, करंट की आशंका निकली झूठी

 

? मुख्य खबर:

श्रावण मास के अवसर पर उत्तराखंड के प्रसिद्ध मानसा देवी मंदिर में रविवार को एक भयानक भगदड़ मच गई, जिसमें 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 35 से अधिक लोग घायल हो गए। हादसे की वजह बनी एक अफवाह, जिसमें कहा गया कि मंदिर की सीढ़ियों पर लगे रेलिंग में करंट दौड़ रहा है।इस सूचना के फैलते ही मंदिर में मौजूद हजारों श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। इस अराजकता के माहौल में कई श्रद्धालु नीचे गिर गए और लोगों की भीड़ उन पर चढ़ गई।

⚡ करंट की पुष्टि नहीं

 

घटना के बाद उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने घटनास्थल का मुआयना किया और स्पष्ट किया कि रेलिंग या बिजली

की किसी वायरिंग में कोई करंट नहीं था। सभी वायरिंग सुरक्षित और इंसुलेटेड पाई गई। यानी यह पूरी तरह अफवाह थी, जिसने 6 लोगों

की जान ले ली।

? प्रशासन की तत्परता

 

घटना के बाद मौके पर पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे। घायलों को तुरंत हरिद्वार जिला अस्पताल और अन्य

नजदीकी चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया। कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर दुख जताया और मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख व घायलों को ₹50 हजार

की सहायता राशि की घोषणा की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद देने की बात कही है।

? मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

 

प्रशासन ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। CCTV फुटेजस्थानीय गवाहों के बयान के आधार पर यह पता लगाने की

कोशिश की जा रही है कि अफवाह किसने और कैसे फैलाई। साथ ही भीड़ प्रबंधन में हुई चूक की भी समीक्षा की जा रही है।

? मृतकों की पहचान:

 

1. आरूष (12 वर्ष) – बरेली, यूपी

2. विक्की (18 वर्ष) – रामपुर, यूपी

3. विपिन सैनी – काशीपुर, उत्तराखंड

4. शांति देवी – बदायूं, यूपी

5. शाकल – अररिया, बिहार

6. एक अन्य की पहचान जारी

? प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी:

 

एक श्रद्धालु ने बताया, “हम दर्शन के लिए लाइन में खड़े थे तभी किसी ने चिल्लाकर कहा कि रेलिंग में करंट है। लोग भागने लगे,

कोई किसी पर गिरा, और देखते ही देखते भगदड़ मच गई।”

? निष्कर्ष:

 

यह हादसा एक बार फिर बताता है कि अफवाह और लचर भीड़ प्रबंधन किस तरह भयानक त्रासदी में बदल सकते हैं। अब देखना यह

होगा कि प्रशासन इससे सबक लेकर श्रद्धालु सुरक्षा के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।