30 वर्षों से पट्टा भूमि पर कब्जे को लेकर संघर्ष, पीड़ितों ने प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार

मानवीय सोच
ब्यूरो चीफ, अमेठी

अमेठी। जनपद अमेठी के थाना क्षेत्र शुकुल बाजार के अंतर्गत ग्राम पाली में पट्टा भूमि पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार वर्ष 1990 में ग्राम प्रधान द्वारा गांव के 16 लोगों को आवासीय पट्टा आवंटित किया गया था। समय के साथ पट्टा धारकों ने अपनी-अपनी भूमि की हकदारी दर्ज कराते हुए सीमांकन भी कराया।

बताया जाता है कि इन 16 पट्टा धारकों में से 10 लोगों को उनकी भूमि पर कब्जा मिल गया, लेकिन चार पट्टा धारक — रामहेत, धर्मराज, सीताराम और परीदीन — आज भी अपनी भूमि पर कब्जा पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

पीड़ितों का आरोप है कि गांव के ही कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा उनकी पट्टा भूमि पर अवैध निर्माण कर कब्जा कर लिया गया है। इस संबंध में पीड़ित पक्ष द्वारा कई बार प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन अब तक उन्हें उनकी भूमि का वास्तविक कब्जा नहीं मिल सका है।

पीड़ितों का यह भी कहना है कि जब वे डायल 112 पर सूचना देकर पुलिस को बुलाते हैं, तब विरोधी पक्ष की महिलाएं मौके पर आकर हंगामा और अभद्र व्यवहार करने लगती हैं, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो जाती है।

आरोप है कि इस पूरे मामले में तहसील प्रशासन की ओर से भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे पीड़ित परिवारों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर अवैध कब्जा हटवाया जाए और उन्हें उनकी पट्टा भूमि का अधिकार दिलाया जाए।