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भारत की विदेश नीति का कायल हुआ रूस

नई दिल्ली (मानवीय सोच)  रूस के विदेश मंत्री सरगे लॉवरोव ने भारत की विदेश नीति की जमकर तारीफ की है। अंतराष्ट्रीय दवाब में आए बिना अपनी विदेश नीति खुद तय करने के फैसले को लेकर सरगे ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर की सराहना करते हुए कहा है कि एस जयशंकर भारत के असली देशभक्त हैं।
सरगे लॉवरोव ने कहा- रूस के साथ व्यापार को लेकर भारत पर दुनियाभर से पड़ रहे दवाब के बावजूद भारत अपने फैसले पर अड़िग है और अपने अनुसार ही विदेश नीति बना रहा है। ये बहुत बड़ी बात है।

सरगे लॉवरोव ने आगे कहा- हम अपने देश के लिए फैसले इस आधार पर ले रहे हैं कि भारत अपने विकास और सुरक्षा को लेकर क्या मानकर चल रहा है। बहुत ज्यादा देशों में इतने मुखर तौर पर अपनी बात रखने की हिम्मत नहीं है। खाद्य सुरक्षा, रक्षा और कुछ रणनीतिक क्षेत्रों को लेकर रूस पश्चिमी देशों पर भरोसा नहीं कर सकता। हम उन सभी देशों के साथ सहयोग के लिए तैयार हैं जो अंतराष्ट्रीय समुदाय द्वारा रूस पर लगाए गए अनैतिक प्रतिबंधों की परवाह नहीं करता और भारत भी उनमें से एक है।

गौरतलब है कि रूस से जमकर कच्चा तेल खरीद रहे भारत ने रूस को मेडिकल उपकरणों देने के लिए हामी भरी है। पश्चिमी देशों ने रूस पर कई आर्थिक और व्यापारिक प्रतिबंध लगा रखे हैं जिसके चलते रूस में मेडिकल उपकरणों की कमी हो रही है। ऐसे में रूस मदद के लिए एक बार फिर भारत की तरफ देख रहा है और भारत भी रूस की मदद करने को तैयार है। दोनों देशों के बीच एक्सचेंज मीडियम यानी किस करेंसी में व्यापार होगा उसको लेकर बात चल रही है। कहा जा रहा है कि दोनों देश लोकल करेंसी में व्यापार करेंगे जैसा शीत युद्ध के दौरान किया जाता था।

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