हेमंत सोरेन सरकार को हाईकोर्ट से बड़ा झटका, सरस्वती पूजा विसर्जन में लिंचिंग की जांच सीबीआई के हवाले

झारखंड  (मानवीय सोच)  हजारीबाग के रूपेश हत्याकांड की जांच अब सीबीआई करेगी। हाईकोर्ट ने रुपेश की मां की याचिका पर यह फैसला दिया है। इसी साल 6 फरवरी को सरस्वती पूजा विसर्जन के दौरान रूपेश की हत्या कर दी गई थी। रुपेश की मां उर्मिला पांडेय ने सीबीआई जांच के लिए याचिका दायर करते हुए हजारीबाग पुलिस पर जांच सही तरीके से नहीं करने का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि पुलिस घटना के आरोपियों को बचा रही है।

हजारीबाग के बरही में इसी साल 6 फरवरी को सरस्वती पूजा के विसर्जन जुलूस के दौरान रुपेश पांडेय (18 वर्ष) की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इसके विरोध में राज्य भर में प्रदर्शन हुए थे। सरकार ने एहतियात के तौर पर 4 जिलों में इंटरनेट कनेक्शन बंद कर दिया था। मामले की जांच करने बाल संरक्षण आयोग की टीम भी आई थी। रूपेश की मां ने सरकार से अपने बेटे की हत्या की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी।

रूपेश का परिवार अब तक की पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। रूपेश की मां ने आरोप लगाया है कि पुलिस आरोपियों को बचा रही है। हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद केस को सीबीआई को सौंप दिया है। हाई कोर्ट के इस फैसले को झारखंड की हेमंत सरकार के लिए झटका माना जा रहा है, जो इस समय अंकिता हत्याकांड को लेकर विपक्ष के निशाने पर है।

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