(मानवीय सोच) : आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को सस्पेंड कर दिया गया है. उनका सस्पेंशन विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट आने तक लागू रहेगा. राज्यसभा में आम आदमी पार्टी सांसद राघव चड्ढा के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया जा रहा है. बीजेपी ने राघव चड्ढा और संजय सिंह के सदन में व्यवहार को निंदनीय बताया है.
राघव चड्ढा पर सांसदों के ‘जाली’ हस्ताक्षर करने का आरोप
बता दें कि AAP सांसद राघव चड्ढा पर पांच राज्यसभा सांसदों के ‘जाली’ हस्ताक्षर करने का आरोप है. अब जब तक कि उनके खिलाफ मामले की जांच कर रही विशेषाधिकार समिति अपनी रिपोर्ट नहीं सौंप देती. तब तक उनका निलंबन जारी रहेगा. राघव के खिलाफ प्रस्ताव पीयूष गोयल ने पेश किया. गोयल ने चड्ढा पर विशेषाधिकार हनन का आरोप लगाया.
दरअसल, बीजेपी के एस फांगनोन कोन्याक, नरहरि अमीन और सुधांशु त्रिवेदी, एआईएडीएमके के एम थंबीदुरई और बीजेडी के सस्मित पात्रा ने कहा कि सदन में राघव चड्ढा द्वारा पेश की गई चयन समिति में उनका नाम उनकी सहमति के बिना शामिल किया गया था. हालांकि राघव चड्ढा ने आरोपों का खंडन किया है.
