लखनऊ (मानवीय सोच) भले ही यह कहा जा रहा हो कि फार्मेसी की काफी मांग है, लेकिन एकेटीयू से संबद्ध फार्मेसी संस्थानों की स्थिति बदहाल है। इनमें यूजी प्रवेश की मुख्य काउंसिलिंग पूरी हो चुकी है, लेकिन बीफार्मा की 18,405 में से मात्र 2295 सीटों पर ही प्रवेश हुए हैं। विवि में अभी तक फार्मेसी कॉलेजों की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
विवि में अक्तूबर में सीयूईटी यूजी के माध्यम से फार्मेसी व अन्य कोर्सों में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हुई। काउंसिलिंग के चार चरण पूरे होने के साथ प्राइवेट कॉलेजों के लिए होने वाली काउंसिलिंग भी हो चुकी है। कहने के लिए तो विवि में इंजीनियरिंग से ज्यादा फार्मेसी संस्थान हो गए हैं और उनमें सीटें भी काफी हैं। लेकिन इनका सही आंकड़ा क्या है, यह मुख्य काउंसिलिंग के बाद भी स्पष्ट नहीं हो रहा है। इससे इस पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं। कुछ कॉलेजों के प्रतिनिधि विश्वविद्यालय के चक्कर भी काट रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, संबद्धता के फेर में कुछ कॉलेज काउंसिलिंग में शामिल ही नहीं हो पाए। इस कारण फार्मेसी में मांग के बाद भी काउंसिलिंग से मात्र 2295 ही प्रवेश हुए हैं। अब कॉलेज सीधे प्रवेश से कितनी सीटों पर एडमीशन ले पाएंगे, यह बड़ा सवाल है?
काउंसिलिंग के बाद मिली सीट वृद्धि
विवि की ही तरह फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी कॉलेजों के साथ मजाक किया। मुख्य काउंसिलिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कई कॉलेजों को फार्मेसी काउंसिल ने सीट वृद्धि दी है। एकेटीयू रजिस्ट्रार सचिन कुमार सिंह ने फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष को पत्र भेजा। इसमें कहा कि पीसीआई की ओर से पूर्व में दी गई इंटेक के आधार पर शासन से अनुमोदन प्राप्त कर सीट मैट्रिक्स तैयार कर काउंसिलिंग कराई गई। चार चरणों की काउंसिलिंग छह अक्तूबर से 12 नवंबर तक हो चुकी है। ऐसे में आपके पत्र के क्रम में फिर इंटेक में वृद्धि करना और फिर से काउंसिलिंग कराना इस सत्र में संभव नहीं है। नए सत्र 2023-24 में फाइनल इंटेक की समेकित सूचना एक बार में ही भेजें, ताकि इनकी सीट मैट्रिक्स तैयार कर काउंसिलिंग प्रक्रिया सुचारू रूप से की जा सके।
एकेटीयू की 80 सीटों पर प्रवेश
नए सत्र 2022-23 से एकेटीयू ने कैंपस में बीफार्मा कोर्स की शुरुआत की है। इसमें बीफार्मा की 100 व ईडब्ल्यूएस की आठ समेत कुल 108 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया की गई। इसमें काउंसिलिंग से 80 सीटों पर विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। यह अच्छा रुझान है, जबकि इसकी प्रवेश प्रक्रिया दूसरे चरण की काउंसिलिंग में शुरू हुई थी।
स्पष्ट हो जाएगी स्थिति
एकेटीयू के कुलपति प्रो. पीके मिश्रा का कहना है कि पीसीआई की ओर से जैसे-जैसे कॉलेजों को संबद्धता की स्थिति स्पष्ट की जा रही है, वैसे-वैसे कॉलेज काउंसिलिंग में शामिल किए गए हैं। इस कारण कॉलेजों की संख्या स्पष्ट न हो पाई होगी। जल्द ही इसे स्पष्ट कर दिया जाएगा।
