लखनऊ : (मानवीय सोच) बेड क्षमता के मामले में एसजीपीजीआई जल्द ही देश के सभी एम्स को पीछे छोड़ देगा। मौजूदा समय में एम्स दिल्ली और पीजीआई चंडीगढ़ में करीब 2400-2400 बेड हैं, जबकि लखनऊ पीजीआई में 2167 बेड हैं। यहां जल्द ही 953 बेड बढ़ाने की तैयारी है, जिसके बाद पीजीआई में कुल 3120 बेडों पर मरीज भर्ती किए जा सकेंगे। वहीं, विश्वविद्यालयों की श्रेणी में पूरे देश में सबसे ज्यादा 4500 बेड फिलहाल केजीएमयू में ही हैं।
पीजीआई निदेशक प्रो. आरके धीमन ने बताया कि पीजीआई में मौजूदा समय में 2167 बेड चल रहे हैं। यहां इसी साल अडवांस पीडियाट्रिक सेंटर शुरू होगा, जिसमें 573 बेड होंगे। इसके अलावा अडवांस डायबीटीज सेंटर में 40 बेड शुरू होंगे। इसी तरह पीडियाट्रिक कार्डियॉलजी के लिए 200 बेड का अलग सेंटर शुरू होगा। इसके अलावा ट्रॉमा सेंटर में 80 बेड, इमरजेंसी में 30 और गैस्ट्रोएंट्रॉलजी विभाग में 30 बेड बढ़ाए जाएंगे। इस तरह पीजीआई में कुल 3120 बेड हो जाएंगे।
