चारबाग के होटल में पकड़ी गई एयरफोर्स कर्मी की बेटी…PCO से चलता था सेक्‍स रैकेट

लखनऊ: (मानवीय सोच)  मामला वर्ष 2000 का है। तारीख थी 25 अगस्त। सुबह-सुबह कृष्णानगर पुलिस को सूचना मिली कि मानकनगर रेलवे स्टेशन के पास झाड़ियों में लाश पड़ी है। थाने से मानकनगर पुलिस चौकी (अब थाना) को सूचना दी गई। जानकारी होते ही चौकी इंचार्ज टीम के साथ पहुंचे। युवक का करीब हफ्ते भर पुराना शव मिला। काफी प्रयास के बावजूद शिनाख्त नहीं होने पर पंचनामा भर मॉर्च्यूरी भेज दिया गया। इसके साथ ही उसका हुलिया बताते हुए कृष्णानगर थाने से अनुरोध किया कि दूसरे थानों से लापता युवकों की जानकारी लेने का प्रयास किया जाए।

दर्ज थी गुमशुदगी
कृष्णानगर पुलिस की छानबीन में पता चला कि अमीनाबाद थाने पर एक युवक की गुमशुदगी दर्ज है, जिसका हुलिया मानकनगर में मृत पाए गए युवक से मिलता था। गुमशुदगी गणेशगंज निवासी 25 वर्षीय कमल प्रजापति की थी, जिसकी अमीनाबाद में पान की दुकान थी। कमल 18 अगस्त की रात दुकान बंद करने के बाद से लापता था। जानकारी मिलने पर कमल के परिवारीजनों ने मॉर्च्यूरी पहुंच शिनाख्त की। इसके साथ ही अमीनाबाद थाने ने दर्ज गुमशुदगी का केस हत्या की धाराओं में तब्दील कर जांच शुरू हुई। काफी हाथ-पांव चलाने के बाद भी 36 घंटे तक पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला। 27 अगस्त को कमल के पड़ोसी दुकानदारों से पता चला कि 18 अगस्त की रात दुकान बंद करने के दौरान कमल के साथ तय्यब भी था। साथ ही पता चला कि घसियारी मंडी निवासी तय्यब अक्सर कमल की दुकान पर आता था। पुलिस ने तय्यब को दबोचा और थाने लाकर पूछताछ की गई। पता चला कि वह कमल को सईद के जनरैलगंज वाले घर ले गया था।

हुआ बड़ा खुलासा
तय्यब ने बताया कि शुभम सिनेमा के पास पीसीओ चलाने वाले सईद का एक घर घसियारी मंडी में भी है। हरकत में आई पुलिस ने आननफानन में सईद को भी दबोच लिया। अमीनाबाद में तैनात रहे इंस्पेक्टर जेपी सिंह (अब रिटायर्ड) बताते हैं कि पहले तो सईद काफी देर तक इधर-उधर की बातें करता रहा। इसके बाद सख्ती करने पर टूट गया। उससे मिली जानकारी से पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ गए। सईद ने बताया कि पीसीओ से कॉल गर्ल्स का रैकेट चलाता है। कस्टमर से अडवांस लेकर लड़कियों को बुलाता है। होटल का इंतजाम तय्यब करता है, जबकि लड़कियों को चारबाग स्टेशन से वहां तक पहुंचाने की जिम्मेदारी राजन की है। इन्हीं लड़कियों में एक बरेली में तैनात एयरफोर्स कर्मी की बेटी राजकुमारी राठौर है। पुलिस ने राजकुमारी को चारबाग के एक होटल से पकड़ लिया था। काफी रुपये खर्च कर मामले को रफा-दफा करवाया गया। हालांकि इसके बाद से राजकुमारी ने होटल में जाने से मना कर दिया था। इस बीच राजकुमारी की फोटो देखने के बाद कमल मुलाकात करवाने की मुंहमांगी कीमत देने को तैयार था। इसलिए राजन ने कमल को तय्यब के साथ जनरैलगंज वाले घर भेजा था। उधर, राजकुमारी को लेकर राजन पहले ही वहां पहुंच चुका था। सईद भी पीसीओ बंद कर जनरैलगंज वाले घर पहुंच गया। कमल और राजकुमारी अंदर कमरे में थे। जबकि वह, राजन और तय्यब के साथ बाहर कमरे में था। करीब आधे घंटे बाद राजकुमारी बाहर आई और बताया कि कमल के पास बीस हजार रुपये हैं। इतना ही नहीं, उसने गले में सोने की मोटी चेन भी पहन रखी हैं। इसके बाद सभी लोग कमरे में पहुंचे और कमल से रुपये छीन लिए। विरोध करने पर कमल से सिर पर हथौड़ी से वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। आरोपितों ने कमल की चेन, अंगूठियां और घड़ी भी निकाल ली।

जीप से ठिकाने लगाई लाश
कमल की हत्या के बाद राजकुमारी को लेकर राजन चारबाग छोड़ने चला गया। उधर, सईद ने तय्यब के साथ मिलकर अपने दोस्त और कस्टमर सुनील कबाड़ी की जीप (यूपी 32 जेड-2857) में कमल का शव रखा और मानकनगर स्टेशन के दूसरी तरफ झाड़ियों में फेंक दिया। रिटायर्ड आईपीएस राजेश पाण्डेय के अनुसार, सईद और तय्यब ने पूछताछ में यह भी बताया कि जब किसी कस्टमर के पास रुपये या जेवर ज्यादा होते हैं तो पुलिस बुलाने की धमकी देकर लूट लेते और विरोध करने पर हत्या तक कर देते हैं। इससे पहले हरदोई के महमूद, हसनगंज उन्नाव के विपिन द्विवेदी, मड़ियांव के किशोर और गोसाईंगंज के प्रताप यादव की लूट के बाद हत्या कर चुके थे। वारदात के बाद शव जीप से ही सीतापुर के अटरिया, उन्नाव में सई नदी के किनारे, माल (एक भरावन रोड पर और दूसरी सैथा रोड पर) में फेंकने की बात भी कबूली।

राजकुमारी भी गिरफ्तार
पूछताछ के दौरान आरोपितों ने बताया कि उस दिन यानी 28 अगस्त को भी राजकुमारी को बुलाया है, जो चाइना बाजार चौकी के पास स्थित त्रिवेणी लॉज में कस्टमर के साथ है। इस सूचना पर सीओ कैसरबाग के नेतृत्व में पुलिस ने लॉज पर छापा मारकर राजकुमारी और उसके साथ मौजूद मलिहाबाद निवासी कल्लू खान को धर दबोचा। दोनों को अमीनाबाद थाने लाया गया। इसके बाद सईद, राजन, तय्यब और राजकुमारी को हत्या जबकि कल्लू खान और सुनील कबाड़ी को देह व्यापार के आरोप में जेल भेजा गया। चार अन्य हत्याओं के बाद शव फेंके जाने की सूचना संबंधित थानों को देने पर शव मिलने की पुष्टि हुई। पता चला कि सभी मामले अज्ञात में दर्ज हैं। अमीनाबाद पुलिस की सूचना पर अटरिया (सीतापुर), माल और हसनगंज (उन्नाव) थानों की पुलिस ने भी हत्याओं की विवेचना पूरी करते हुए गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। हालांकि, अदालत में सबूतों के अभाव सभी आरोपी बरी हो गए।

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