वाराणसी (मानवीय सोच) धर्मनगरी वाराणसी में शनिवार सुबह उस समय एक बड़ा हादसा हो गया जब गंगा की बीच लहरों में श्रद्धालुओं से भरी एक नाव पटरा टूटने से बीच नदी में समां गई. गनीमत रही कि जिस वक्त हादसा हुआ वहां आसपास मौजूद अन्य नाविकों, मल्लाहों और जल पुलिस की मुतैदी की वजह से सभी 34 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. हालांकि इस हादसे में दो यात्रियों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिनका इलाज बीएचयू में चल रहा है.
जानकारी के मुताबिक नाव पर सवार सभी दक्षिण भारतीय यात्री. ऐसे में भाषाई समस्या होने के कारण उन्हें खासा दिक्कत का सामना उठाना पड़ रहा था. लेकिन पुलिस कमिश्नर के तमिल ज्ञान ने उनके इस समस्या का निदान किया और उनसे तमिल में बात कर के उन्हें बेहतर सुविधा दिए जाने का आश्वाशन दिया. बता दें कि वाराणसी में आज सुबह गंगा में नाव पलटने का बड़ा हादसा हुआ.अहिल्याबाई घाट के सामने यात्रियों से भरी नाव सुबह सवेरे अचानक डूब गई. गंगा में नाव डूबने से मौके पर चीख-पुकार मच गई. स्थानीय नाविकों के साथ पुलिस और बचाव की टीम भी मौके पर पहुंच गई, जिसके बाद नाव पर सवार 34 यात्रियों को बाहर निकाला गया.
सभी श्रद्धालु दक्षिण भारत के रहने वाले
ACP दशाश्वमेघ अवधेश पाण्डेय के अनुसार सभी यात्री दक्षिण भारत के केरल के रहने वाले है. नाव का पटरा निकल गया, जिसके कारण नाव गंगा में समा गई. इस हादसे के बाद नाविक फरार हो गया. फिलहाल पुलिस मौके पर मौजूद हैं और जांच पड़ताल के साथ नाविक की तलाश में जुटीं है. लेकिन बार-बार ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति होना ठीक नहीं है. आखिर प्रशासन ऐसी घटनाओं को रोकने में नाकाम क्यों है? जबकि नगर निगम सभी नाविकों के रजिस्ट्रेशन और रख रखाव पर नजर बनाए रखने का दावा करती है.
