लखनऊ: (मानवीय सोच) उत्तर प्रदेश में 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच का आदेश आने के बाद से मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। इसी कड़ी में बुधवार को शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने बड़ी संख्या में एकजुट होकर मंत्री आवास पर प्रदर्शन किया। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास पर बड़ी संख्या में महिला अभ्यर्थियों की मौजूदगी में प्रदर्शन के दौरान जोरदार नारेबाजी की गई। हालांकि, इस दौरान योगी सरकार के मंत्री अभ्यर्थियों से मिले बिना आवास से रवाना हो गए।
कोर्ट ने चयन सूची को किया खारिज
काफी देर तक मंत्री संदीप सिंह आवास के बाहर हंगामा चला, लेकिन बाद में मौके पर मौजूद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गाड़ी में भरकर इको गार्डन पहुंचा दिया। सोमवार को कोर्ट ने इसके साथ ही भर्ती परीक्षा के क्रम में आरक्षित वर्ग के अतिरिक्त 6800 अभ्यर्थियों की 5 जनवरी 2022 को जारी हुई चयन सूची को भी खारिज कर दिया था। हाइकोर्ट में इस चयन सूची को यह कहते हुए चुनौती दी गई थी कि सरकार ने जल्दबाजी में बिना किसी विज्ञापन के जारी किया गया था।
इसे बनाया था आधार
याचिकाकर्ताओं के वकील ने हाईकोर्ट को बताया था कि 69,000 सहायक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नियमावली का सही से पालन नहीं किया गया। यही वजह है कि आरक्षित वर्ग में चयनित 18,988 अभ्यर्थियों को जारी कटऑफ में 65 फीसदी से ज्यादा अंक प्राप्त करने के बावजूद सामान्य श्रेणी की सूची में शामिल नहीं किया गया। हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे शिक्षक, जिन्हें नियुक्त किया गया है और पिछले दो वर्षों से अधिक समय से काम कर रहे हैं, उन्हें दोषी नहीं ठहराया जा सकता है।
