लखनऊ (मानवीय सोच) नए ट्रॉमा सेंटर के नाम पर खूब लापरवाही हो रही है। तीसरा ट्रॉमा सेंटर अभी तक शुरू नहीं हो पाया और अफसरों ने चौथे की कवायद शुरू कर दी है। अहम बात यह है स्वास्थ्य विभाग के पास न्यूरो सर्जन तक नहीं हैं। ऐसे में बिना न्यूरो सर्जन ट्रॉमा सेंटर का संचालन आसान नहीं होगा। गंभीर मरीजों को इलाज के लिए केजीएमयू की ही दौड़ लगानी होगी।
लोकबंधु अस्पताल में प्रधानमंत्री जन विकास योजना के तहत ट्रॉमा सेंटर शुरू होगा। इसके लिए खाका तैयार हो गया है। तीन सौ बेड की क्षमता वाले अस्पताल को लोहिया की तर्ज पर विकसित करने की तैयारी है। अस्पताल के पार्किंग एरिया वाले क्षेत्र में ट्रॉमा सेंटर निर्माण के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। करीब 50 बेड का ट्रॉमा सेंटर बनेगा। अस्पताल के तीसरे तल पर डायग्नोस्टिक ब्लॉक बनेगा।
यहां एमआरआई, सीटी, अल्ट्रासाउंड व एक्सरे की सुविधा रहेगी। अफसरों का कहना है कि सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की पहल पर यहां ट्रॉमा सेंटर बनेगा। अस्पताल के आठ-दस किमी के दायरे में कोई ट्रॉमा सेंटर न होने से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। हालांकि लखनऊ में न्यूरो सर्जन विशेषज्ञ का संकट है।
