केरल (मानवीय सोच) गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान ने विश्वविद्यालयों को भाई भतीजावाद से मुक्त करने की बात कही है. उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा, मैंने बार-बार कहा है कि मैं व्यक्तिगत समर्थन की तलाश में नहीं हूं. मेरी किसी से व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है. उन्होंने कहा मेरा काम यह सुनिश्चित करना है कि देश में कानून को बरकरार रखा जाए.
आरिफ मोहम्मद खान ने कहा, यह सुनिश्चित करना मेरा कर्तव्य है कि पक्षपात और भाई-भतीजावाद के आधार पर नियुक्तियां नहीं होने दी जाएं. जब तक मैं यहां हूं, मैं इसकी इजाजत नहीं दूंगा. केवल वही लोग नियुक्त किए जाएंगे जो योग्य हैं और यूजीसी की सभी आवश्यकताओं को पूरा करते हैं.
उन्होंने नियुक्ति को पक्षपात से अलग रखने की बात करते हुए कहा, अगर मुख्यमंत्री के कार्यालय में बैठा वीसी अपने रिश्तेदारों को नियुक्त करने का निर्देश दे रहा है और मुख्यमंत्री को इसके बारे में पता नहीं है, तो यह दर्शाता है कि वह कितने अक्षम हैं. यदि वह इस बारे में जानते हैं, तो वह भी उतने ही दोषी हैं.
बता दें कि केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और पिनाराई विजयन सरकार के बीच खींचतान जारी है.
