अवध बस डिपो में टिकट घोटाले में नए-नए नाम उजागर हो रहे हैं। इसी क्रम में एक और महिला बुकिंग क्लर्क की भूमिका सामने आने पर निलंबित कर दिया है। इस मामले में महिला कर्मी नीता चौधरी को आरोप पत्र देते हुए इसकी जांच अधिकारी बाराबंकी के एआरएम को नामित किया है। इस पूरे मामले की जांच परिवहन निगम मुख्यालय के मुख्य प्रधान प्रबंधक (प्रशासन) राम सिंह वर्मा की ओर से की गई थी, जिसकी तीन पन्ने की जांच रिपोर्ट के आधार पर क्षेत्रीय प्रबंधक आरके त्रिपाठी की ओर से जांच अधिकारी नामित कर निलंबन आदेश जारी किया है। 29 जुलाई 2023 को मैन्युअल टिकट की 10 गड्डियां गायब होने का खुलासा हुआ था। तत्काल जांच कर तीन कर्मियों को निलंबित भी कर दिया गया है। जांच आगे बढ़ी तो संविदा पर तैनात कंडक्टर और लेखाकार पर कार्रवाई कर दी गई। अब तक इस मामले में एक संविदा कर्मी सहित छह लोगों पर कार्रवाई की गई है। स्टेशन प्रभारी के दोषी होने के बाद मामले को ठंडे बस्ते में डालकर निर्दोष पर लगातार कार्रवाई करते रहे। जबकि इस मामले में अवध डिपो का नियमित कर्मचारी छह माह से फरार है। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच अभी भी कराई जा रही है।
