उत्तर प्रदेश (मानवीय सोच) 50 बेड वाले एकीकृत आयुष अस्पतालों की नए सिरे से जांच होगी। इनके भवन की गुणवत्ता और खरीदे गए उपकरणों की जांच की जाएगी। मुरादाबाद मंडलायुक्त को चंदौसी के खेतापुर ब्लॉक के पसवा में बने अस्पताल की जांच सौंपी गई है। अन्य अस्पतालों की जांच के लिए संबंधित क्षेत्र के मंडलायुक्त को पत्र भेजा गया है।
2015-16 से 2020-21 के बीच 24 आयुष अस्पताल बनाने का लक्ष्य रखा गया था। इसमें चंदौसी, वाराणसी, सोनभद्र, देवरिया, संतकबीरनगर, अमेठी, लखनऊ, बरेली, कानपुर देहात, कानपुर नगर, कौशांबी और ललितपुर में 50 बेड के अस्पतालों का निर्माण कार्य कराया गया। इनमें से ज्यादातर का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। वहीं, कुछ अस्पतालों का अभी हस्तांतरण नहीं हो पाया है।
सूत्रों का कहना है कि इन सभी अस्पतालों के निर्माण कार्य तत्कालीन निदेशक प्रो. एसएन सिंह के कार्यकाल के हैं। इस बीच कई अस्पतालों के निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल की शिकायत हुई है। निर्माण कार्य में गड़बड़ी को भी प्रो. एसएन सिंह से जोड़ा गया है।
ऐसे में शासन की ओर से चंदौसी के खेतापुर ब्लॉक के पसवां में बने अस्पताल की जांच के लिए मुरादाबाद मंडलायुक्त को पत्र भेजा गया है। इस मामले के सामने आने के बाद अब आयुष विभाग ने अन्य जिलों में बने अस्पतालों की गुणवत्ता की जांच कराने के लिए संबंधित जिलों के मंडलायुक्त को पत्र भेजा है।
आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु का कहना है कि अस्पतालों के निर्माण कार्य से लेकर उपकरणों की खरीद तक में हर स्तर पर गुणवत्ता का ध्यान रखा जा रहा है। सभी निर्माण इकाइयों को यह भी निर्देश दिया गया है कि जल्द से जल्द कार्य पूरा करें।
