वाराणसी (मानवीय सोच) वायरल बुखार के मरीजों के लिए सरकारी अस्पतालों में बेड के लिए मारामारी जारी है। पांडेयपुर स्थित जिला अस्पताल के वार्ड के 230 और इमरजेंसी के सभी 18 बेड फुल होने के बाद बुधवार स्ट्रेचर पर मरीजों का इलाज किया गया। 20 से अधिक बुखार सहित अन्य गंभीर मरीजों को लौटा दिया गया। वहीं, तीन ब्लड बैंक में 170 तक प्लेटलेट की वेटिंग चल रही है।
अस्पताल के इमरजेंसी में हर रोज 40 से 50 मरीज इलाज के लिए लिए पहुंच रहे हैं। मरीजों का प्लेटलेट्स लेवल गिरने से उन्हे भर्ती करना पड़ रहा है। कुछ मरीजों को स्टेबल कर उन्हे रेफर भी किया गया। सीएमएस डॉ. आरके सिंह ने कहा कि बेड फुल होने से परेशानी हो रही है।
पुराने को डिस्चार्ज कर नए को कर रहे हैं भर्ती कबीरचौरा के मंडलीय अस्पताल में भी 350 बेड डेंगू और वायरल बुखार के मरीजों से फुल हैं। नए मरीजों को बेड के लिए जद्दोजहद करना पड़ रहा है। पहले से भर्ती मरीजों को बेहतर स्थिति होने पर डिस्चार्ज किया जा रहा है। उनकी जगह नए मरीज भर्ती किए जा रहे हैं।
50 हजार से अधिक प्लेटलेट वाले मरीज होंगे डिस्चार्ज बेड फुल होने पर मंडलीय अस्पताल के एसआईसी और जिला अस्पताल के सीएमएस को मरीजों की स्क्रीनिंग के निर्देश दिए गए हैं। सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि जिन भर्ती मरीजों की प्लेटलेट 50 हजार से अधिक होगी और 48 घंटे से बुखार नहीं होगा, उन्हें डिस्चार्ज किया जाएगा। गुरुवार से अस्पताल में स्क्रीनिंग शुरू होगी। वहीं, सभी सीएचसी पर सुविधा बढ़ाई जा रही है। मरीजों सीएचसी पर भेजने का निर्देश दिया गया है। सीएचसी पर डॉक्टरों को 24 घंटे अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है।
प्लेटलेट की डिमांड नहीं हो रही पूरी
वाराणसी में डेंगू के कारण हाल बेहाल है। प्लेटलेट की डिमांड सरकारी अस्पताल के ब्लड बैंक पूरी नहीं कर पा रहे हैं। प्लेटलेट्स के लिए मारामारी की स्थिति है। जरूरतमंद मरीजों के तीमारदारों को निजी ब्लड बैंकों के अलावा आईएमए के ब्लड बैंक का आसरा है। निजी ब्लड बैंक से प्लेटलेट लेना बहुतों की सामर्थ्य के बाहर साबित हो रहा है जबकि आईएमए में 10 से 12 घंटे की वेटिंग चल रही है। जिले में सामान्य दिनों में 40-50 यूनिट प्लेटलेट की जरूरत पड़ती है। इस समय डिमांड 300 से 350 यूनिट तक पहुंच गई है। इस कारण संकट भी बढ़ा है।
