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बीजेपी छोड़कर ममता बनर्जी की पार्टी में आने वाले विधायक ED के रडार पर

नई दिल्ली  (मानवीय सोच) तृणमूल कांग्रेस के एक विधायक के खाद्य और खाद्य तेल कंपनी को प्रवर्तन निदेशालय से नोटिस मिला है. सूत्रों की मानें तो  उनकी कंपनी और कोलकाता स्थित दो चैनलों के बीच संदिग्ध वित्तीय लेनदेन को लेकर उक्त कार्रवाई की गई है. ये बात उस वक्त सामने आई है, जब निलंबित तृणमूल मंत्री पार्थ चटर्जी के सहयोगी से ईडी ने करोड़ों बरामद किए हैं. उम्मीद है कि पार्टी विधायक कृष्णा कल्याणी को केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा किसी भी समय तलब किया जा सकता है.

जांच के दायरे में है वित्तीय लेनदेन

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी में शामिल होने से पहले कल्याणी बीजेपी में थे. वो साल 2002 में स्थापित एक खाद्य निर्माण फर्म कल्याणी सॉल्वेक्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक हैं. उन्होंने बीजेपी की टिकट पर 2021 का विधानसभा चुनाव लड़ा था. लेकिन विधानसभा से इस्तीफा दिए बिना ही वे तृणमूल में शामिल हो गए. प्रवर्तन निदेशालय के सूत्रों ने कहा कि विधायक की कंपनी का कोलकाता के दो चैनलों के साथ वित्तीय लेनदेन जांच के दायरे में है.

भर्ती के लिए रिश्वत लेने का आरोप

गौरतलब है कि अर्पिता मुखर्जी के घर से करोड़ों रुपये बरामद होने के बाद तृणमूल ने खुद को गिरफ्तार मंत्री पार्थ चटर्जी से दूर कर लिया है. चटर्जी, जो कभी सुश्री बनर्जी के करीबी थे को पार्टी ने कल मंत्री के रूप में बर्खास्त कर दिया. साथ ही पार्टी के सभी पदों से भी हटा दिया. उन पर 2016 में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और कर्मचारियों की भर्ती के लिए रिश्वत लेने का आरोप है, तब वे शिक्षा मंत्री थे.

 

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