गोरखपुर (मानवीय सोच) नगर निकाय चुनाव में प्रचार-प्रसार के साथ ही मतदाताओं को लुभाने के लिए प्रत्याशियों ने खूब पैसे खर्च किए। कई ने मुर्गे खिलाए, पौव्वे भी पिलाए, मगर अब हिसाब देने से कतरा रहे हैं। मेयर पद के भाजपा प्रत्याशी डॉ मंगलेश श्रीवास्तव और निर्दल सत्यव्रत को छोड़कर बाकी 11 प्रत्याशियों ने हिसाब नहीं दिया तो पार्षद, नगर पंचायत अध्यक्ष और सदस्य पद के लिए कुछ को छोड़ ज्यादातर ने खर्च का ब्यौरा नहीं दिया। सभी प्रत्याशियों को सोमवार को फिर हिसाब देने के लिए बुलाया गया है। मतगणना के बाद एक आखिरी मौका दिया जाएगा।
तब भी जिस प्रत्याशी ने खर्च का हिसाब नहीं दिया, उसकी जमानत राशि जब्त कर ली जाएगी। यह आखिरी मौका मतगणना के ठीक एक महीने बाद यानी 13 जून को मिलेगा। पिछले बार इसी फेर में 180 से अधिक प्रत्याशियों की जमानत राशि जब्त हो गई थी।
