नई दिल्ली (मानवीय सोच) नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCI) ने कोविड-19 के मामले में गिरावट के बाद बुधवार को सभी पायलटों और केबिन क्रू के लिए ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट फिर से शुरू करने के लिए निर्देश जारी कर दिया है। इससे पहले कोरोना वायरस की वजह से एक घंटे में केवल छह कर्मचारियों को इस टेस्ट से गुजरने की अनुमति थी। देश में पिछले कुछ हफ्तों में कोरोना वायरस के मामलों में बड़ी गिरावट सामने आई है। जिसके बाद सरकार ने देशभऱ में कई तरह की प्रतिबंधों में ढील दी है। जिसकी वजह से हवाई यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी भी देखने को मिली है।
ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट शरीर में एल्कोहल की मात्रा को पता लगाने के लिए किया जाता है। यह टेस्ट उड़ान भरने से पहले पायलटों और केबिन क्रू के लिए जरूरी होता है। यह उड़ान से पहले और उड़ान के बाद अनिवार्य टेस्ट होता है। इससे पहले मंगलवार को डीजीसीए की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि एटीसी के कर्मचारी, कॉमर्सियल पायलटों, केबिन क्रू और अन्य स्टाफ सदस्यों के लिए ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट (BAT) का संचालन जारी दिशानिर्देशों के अनुसार चलता रहेगा।
कोर्ट ने पहले के निर्देश को समाप्त कर दिया
जस्टिस प्रतिभा एम सिंह की ओर से यह निर्देश डीजीसीए की ओर से 11 मई, 2021 के आदेश में संशोधन की मांग वाली याचिका पर आया। बाद में कोर्ट ने डीजीसीए को नियमों में संशोधन करने की स्वतंत्रता दी। हालांकि, अदालत कोविड-19 मामलों में कमी को देखते हुए एक घंटे में केवल छह कर्मचारियों का टेस्ट करने के अपने पहले के निर्देश को समाप्त कर दिया।
कोर्ट ने डीजीसीए के अनुरोध को खारिज कर दिया
कोर्ट ने हालांकि, कोरोना से पहले प्रोटोकॉल के अनुसार बीएटी जांच के संचालन की अनुमति देने से संबंधित डीजीसीए के अनुरोध का खारिज कर दिया। जिसमें डॉक्टर और किसी अन्य पैरामेटिक कर्मी के बिना ड्यूटी में शामिल होने से पहले यानी बीएटी जांच के क्षेत्र में ही रैपिड एंटीजन टेस्ट कराना था। यह निर्देश डीजीसीए के उस आवेदन पर पारित किए गए हैं जिसमें पहले के आदेश में कुछ संशोधन की मांग की गई थी।
