गोरखपुर बना स्वच्छता का अग्रदूत: मुख्यमंत्री ने 253 करोड़ की 177 परियोजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास,सफाई मित्र सुरक्षित शहर सम्मान समारोह में बोले सीएम योगी
गोरखपुर |

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर नगर निगम परिसर में आयोजित सफाई मित्र सुरक्षित शहर सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के स्वच्छता सर्वेक्षण में 3 से 10 लाख जनसंख्या श्रेणी में गोरखपुर ने देश में चौथा स्थान प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री ने इसे एक “बड़ी उपलब्धि” बताते हुए कहा कि अब हमारी अगली प्रतिस्पर्धा टॉप-3 में आने की है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नगर निगम गोरखपुर की 253 करोड़ रुपये लागत की 177 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने 12 स्वच्छता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और सफाई मित्र कल्याण कोष से सहायता राशि के प्रतीकात्मक चेक वितरित किए। इस दौरान स्वच्छ वॉर्ड प्रतियोगिता में चयनित पार्षदों एवं सफाई मित्रों को भी सम्मानित किया गया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर में डिजिटल लाइब्रेरी, उत्तर प्रदेश की पहली अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेल एवं अर्ली वॉर्निंग सिस्टम की स्थापना हुई है, जो शहरी जलजमाव की समस्या को सुलझाने में अहम भूमिका निभाएंगे। साथ ही रामगढ़ ताल सौंदर्यीकरण के फेज-2, एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर और डोर-टू-डोर स्वच्छता समितियों की सक्रियता की भी सराहना की।
उन्होंने बताया कि सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक, जनप्रतिनिधियों की जागरूकता और जनसहभागिता से गोरखपुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” के सपने को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले गोरखपुर की पहचान मच्छर, माफिया, बीमारियों और गंदगी से थी, लेकिन अब यह स्वच्छता और विकास का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से जोनल वॉर्ड प्रतियोगिता और इन्सेंटिव स्कीम के माध्यम से स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में सांसद रवि शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायकगण व अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्य आकर्षण:
₹253 करोड़ की 177 परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास
गोरखपुर स्वच्छता रैंकिंग में देश में चौथे स्थान पर
उत्तर प्रदेश की पहली अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेल की स्थापना
डिजिटल लाइब्रेरी व एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर का लोकार्पण
पार्षदों, सफाई मित्रों व स्वच्छता समितियों का सम्मान
