अंबेडकरनगर (मानवीय सोच) सौभाग्य योजना के तहत जिले में मुफ्त बिजली कनेक्शन पाने वाले करीब 49 हजार उपभोक्ता बिल का भुगतान ही नहीं कर रहे हैं। इससे विभाग का इन उपभोक्ताओं पर करीब सवा एक अरब रुपये का बकाया हो गया है। कई कोशिशों के बाद भी उपभोक्ता भुगतान में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। ऐसे में विभाग अब इनसे बिल की वसूली करने के लिए अभियान चलाने की तैयारी में है।
करीब पांच वर्ष पहले केंद्र सरकार ने सौभाग्य योजना के तहत 48 हजार 840 उपभोक्ताओं को निशुल्क बिजली कनेक्शन दिया था। बीपीएल उपभोक्ताओं का कनेक्शन पूरी तरह मुफ्त था जबकि एपीएल उपभोक्ताओं को कनेक्शन तो उस समय मुफ्त दिया गया लेकिन बाद में 10 माह तक 50 रुपये प्रतिमाह की दर से कनेक्शन चार्ज का भुगतान करना था।
दोनों तरह के उपभोक्ताओं के घरों पर मीटर लगाया गया था जिससे उनके द्वारा उपभोग की जाने वाली बिजली का बिल समय से वसूला जा सके। कमजोर वर्ग के लोगों को निशुल्क कनेक्शन देने के पीछे सरकार की मंशा थी कि इससे बिजली की चोरी रुकेगी और पावर कार्पोरेशन का राजस्व भी बढ़ेगा। साथ ही कमजोर वर्ग के उपभोक्ता भी बिजली का उपयोग वैध तरीके से कर सकेंगे।
हालांकि यह उम्मीद पूरी होती नहीं दिखी है। निशुल्क कनेक्शन मिलने के चलते उपभोक्ता बिल का भुगतान नहीं कर रहे हैं। उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि शायद सरकार मुफ्त कनेक्शन की तरफ उन्हें मुफ्त बिजली का भी लाभ दे दे। इसके चलते ही साल दर साल पावर कार्पोरेशन का बकाया ऐसे उपभोक्ताओं पर बढ़ता जा रहा है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक मौजूदा समय में प्रत्येक उपभोक्ता का पांच वर्षों में करीब 25 से 30 हजार रुपये का बकाया हो चुका है। इन सभी उपभोक्ताओं पर लगभग 124 करोड़ रुपये के बिजली बिल का बकाया लंबित हो गया है। लगातार ऐसे उपभोक्ताओं को बकाया भुगतान के लिए कहा जा रहा है। नियमित बिल भी भेजा जा रहा है लेकिन भुगतान नहीं मिल पा रहा है।
अधीक्षण अभियंता अंबा प्रसाद वशिष्ठ का कहना है कि सौभाग्य योजना के उपभोक्ताओं से बिल की वसूली के लिए जल्द ही अभियान चलाया जाएगा। उपभोक्ताओं को लगातार प्रेरित किया जा रहा है कि वे समय से भुगतान करें। नियमित रूप से उपभोक्ताओं को बिल भी भेजा जा रहा है।
