ताजमहल पर फिर उठा विवाद ; महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक करेगा राष्ट्रीय बजरंग दल

आगरा: (मानवीय सोच)  ताजमहल या तेजो महालय इस पर बहस छिड़ी रहती है, लेकिन सनातनी आज भी ताजमहल को शिवमंदिर मानते हैं। यही वजह है कि वे महाशिवरात्रि पर शिव चालीसा, महाआरती और जलाभिषेक के आयोजन करते रहते हैं, फिर चाहे उन्हें जेल की हवा ही क्यों ना खानी पड़े। एक बार फिर से ताजमहल पर जलाभिषेक का एलान किया गया है। हिंदुत्ववादियों ने चेतावनी दी है कि अगर उन्हें रोका गया तो वे आगामी शाहजहां के उर्स का विरोध करेंगे, जोकि 17 फरवरी से शुरू हो रहा है।

18 फरवरी को महाशिवरात्रि का दिन है। इस दिन हिंदुत्ववादी ताजमहल में जाकर शिव चालीसा और जलाभिषेक करना चाहते हैं। इसके लिए राष्ट्रीय बजरंग दल ने जिला प्रशासन से अनुमति मांगी है, लेकिन एएसआई के गाइडलाइन के चलते धार्मिक आयोजनों पर रोक है। राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रांतीय उपाध्यक्ष रौनक ठाकुर का कहना है कि ताजमहल सरकारी इमारत है। जब धार्मिक आयोजनों पर रोक है तो दूसरे धर्मों के आयोजन क्यों किए जा रहे हैं।

शाहजहां के उर्स का करेंगे विरोध

ताजमहल पर 17 फरवरी से शाहजहां का उर्स शुरू हो रहा है, जोकि 19 फरवरी तक मनाया जाएगा। राष्ट्रीय बजरंग दल के रौनक ठाकुर का कहना है कि आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार शाहजहां उर्स के लिए कोई अनुमति नहीं दी जाती है, फिर उर्स का धार्मिक आयोजन क्यों कराया जाता है। उन्होंने चेतावनी दी है, अगर अनुमति नहीं मिली तो शाहजहां के उर्स का विरोध किया जाएगा।

जेल जा चुके हैं हिंदुत्ववादी

वर्ष 2017 में गौरव ठाकुर ने ताजमहल में शिव चालीसा का पाठ किया था। गौरव के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। 2018 में हिंदुत्ववादी कार्यकत्री मीना दिवाकर ने दो महिलाओं के साथ शिव आरती की थी। महिला होने के चलते कोई कार्रवाई नहीं की गई। वर्ष 2019 में फिर से गौरव ठाकुर ने महाशिवरात्रि पर शिव चालीसा का पाठ किया। इस मामले में गौरव को जेल जाना पड़ा था। लॉकडाउन के बाद 2022 में हिंदुत्ववादियों ने ताजमहल में कावड़ ले जाने का प्रयास किया था जिसमें जितेंद्र कुशवाह, विशाल ठाकुर को जेल जाना पड़ गया था।

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